इस्लामाबाद: पाकिस्तान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने हारे हुए सेनापति आर्मी चीफ आसिम मुनीर को प्रमोट कर उन्हें फील्ड मार्शल बना दिया। यानी फाइव स्टार सैन्य अधिकारी। इस कदम के पीछे की साजिश का खुलासा हुआ है। भारत के हाथों महज चार दिनों में ही पस्त होने वाली आसिम मुनीर की सेना और शाहबाज शरीफ की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई। जनता के सामने इज्जत पलीद हो गई, ऐसे में आर्मी चीफ आसिम मुनीर और शाहबाज शरीफ को अपनी कुर्सी बचाने की चिंता सताने लगी। इसके बाद प्रधानमंत्री शाहबाज ने अनोखी चाल चली। इससे पहले की आर्मी पूर्व की तरह सिविलियन गवर्नमेंट पर हावी हो जाए, शाहबाज शरीफ ने राजनीति की शतरंज पर पासा फेंकते हुए हारे हुए सेनापति आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल के तौर पर प्रमोट कर दिया।
इससे एक साथ दो लक्ष्यों को साधा गया। एक तरफ, आर्मी भी खुश हो गई कि उसके चीफ को ऐतिहासिक दर्जा दिया गया। वहीं, सिविलियन गवर्नमेंट किसी भी तरह के सैन्य तख्तापलट के खतरे को पहले ही टाल दिया। नहीं तो युद्ध में हारे हुए आर्मी चीफ को भला कौन प्रमोट करता है।अब पाकिस्तान सेना के अंदर के स्ट्रक्चर और गुटबाजी को समझिए। आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाना प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का घुटना टेकना है। हकीकत में अब पाकिस्तान में आसिम मुनीर ही असली किंग हैं और बाकी सब उनके दरबारी बन चुके हैं। पॉलिटिकल सर्किल में अब सिर्फ इमरान खान ही हैं जो मुनीर को लगातार चुनौती दे रहे हैं। आसिम मुनीर के फाइव स्टार आर्मी चीफ बनने के साथ ही सेना के अंदर संभावित विद्रोह पर समय से पहले ही विराम लगा दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि आसिम मुनीर ऑफिसर ट्रेनिंग स्कूल मंगला के प्रोडक्ट हैं। आमतौर पर पाकिस्तान मिलिट्री एकेडमी (काकुल) से लॉन्ग कोर्स करने वाले सैन्य अफसरों को ज्यादा तरजीह दी जाती है। मुनीर को प्रमोट करने से पाकिस्तान मिलिट्री एकेडमी के अफसरों में बेचैनी होना स्वाभाविक है। आसिम मुनीर और उनके समकक्ष और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टॉफ कमेटी के चेयरमैन जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को नवंबर 2022 में एक साथ फोर स्टार जनरल बनाया गया था। इस तरह अब ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन अब पाकिस्तान आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के सामने रैंक और रुतबे में बौना हो गए।






