हेग, 16 मई (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार से पांच देशों के दौरे पर हैं। इस यात्रा के पहले चरण में वह संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे थे। वहीं दूसरे चरण में पीएम मोदी शनिवार को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इसके अलावा, इस आधिकारिक दौरे के तहत प्रधानमंत्री की किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से भी मुलाकात होगी।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी वहां रह रहे भारतीय समुदाय को संबोधित कर सकते हैं। इसके साथ ही नीदरलैंड के बड़े बिजनेस लीडर्स से पीएम मोदी के बातचीत करने की भी उम्मीद है।
पीएम मोदी 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे। प्रधानमंत्री का नीदरलैंड का यह दूसरा दौरा है। इससे पहले उन्होंने 2017 में यहां का दौरा किया था। मौजूदा दौरा भारत-नीदरलैंड के आपसी संबंधों के एक अहम मोड़ पर हो रहा है और इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूरोप में भारत की रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को बढ़ाने के लिए अपने कई देशों के कूटनीतिक दौरे के तहत शुक्रवार शाम को नीदरलैंड पहुंचे।
प्रधानमंत्री के इस दौरे का ऐलान करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “गुडडेवोंड नीदरलैंड! पीएम मोदी नीदरलैंड पहुंच गए हैं। यह दौरा भारत-नीदरलैंड की कई तरह की साझेदारी को और मजबूत करने और यूरोप के सबसे बड़े भारतीय समुदाय से जुड़ने का मौका देगा।”
इससे पहले, प्रधानमंत्री के दौरे पर एक खास ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा, “पिछले कुछ सालों में व्यापार, निवेश के पारंपरिक क्षेत्र और डब्ल्यूएएच के जरूरी क्षेत्र, पानी, खेती और स्वास्थ्य, के साथ-साथ लोगों के बीच संबंधों में हमारी साझेदारी काफी गहरी हुई है। हाल के सालों में, तकनीक, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, शिक्षा और समुद्री क्षेत्र जैसे रणनीतिक क्षेत्र में सहयोग और बढ़ा है।”
लोगों के बीच संबंध भारत-नीदरलैंड के आपसी संबंध का एक अहम हिस्सा बने हुए हैं। नीदरलैंड में 90,000 से ज्यादा नॉन-रेजिडेंट भारतीय और भारतीय मूल के लोग रहते हैं, साथ ही सूरीनाम हिंदुस्तानी समुदाय के 200,000 से ज्यादा सदस्य भी रहते हैं। इसके अलावा, अभी देश भर की अलग-अलग यूनिवर्सिटी में करीब 3,500 भारतीय छात्र उच्च शिक्षा ले रहे हैं।
पीएम मोदी के इस दौरे का एक बड़ा और अहम एजेंडा है। उम्मीद है कि इससे दोनों देशों की लगातार कोशिशों से बनी साझेदारी के नए रणनीतिक पहलुओं को मजबूती मिलेगी।
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