United Arab Emirates : अमेरिका-ईरान में सीजफायर के बाद बढ़ा तनाव, यूएई पर ईरानी हमले के बाद ऑयल फैसिलिटी में लगी भीषण आग

United Arab Emirates पर हमले के बाद ईरान-अमेरिका तनाव फिर बढ़ा
अमेरिका-ईरान में सीजफायर के बाद बढ़ा तनाव, यूएई पर ईरानी हमले के बाद ऑयल फैसिलिटी में लगी भीषण आग

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के सीजफायर के बाद एक बार फिर से तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। दोनों देशों के बीच बीते 24 घंटे में हमलों का सिलसिला फिर से शुरू हो गया है। ईरान की ओर से संयुक्त अरब अमीरात पर किए गए हमले के बाद यूएई की ऑयल फैसिलिटी में भीषण आग लग गई है।

यूएई के अधिकारियों ने बताया कि ईरान ने सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात में टारगेट पर ड्रोन और रॉकेट हमले किए। यूएई के एयर डिफेंस ने 19 ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया। हालांकि, फुजैराह ऑयल इंडस्ट्री जोन में ड्रोन हमले से बड़ी आग लगने के बाद तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए।

इसके अलावा, अमेरिका ने दावा किया कि ईरान ने दक्षिण कोरिया के जहाज पर भी हमला किया है। कोरियाई सरकार ने हमले की जांच का आदेश दिया है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरिया से जुड़े एक जहाज में धमाका हुआ और आग लग गई। पनामा के झंडे वाले इस जहाज में 24 क्रू मेंबर थे, जिनमें छह दक्षिण कोरिया के थे। धमाका होने से पहले यह जहाज यूएई के पास स्ट्रेट पर डॉक किया गया था।

मंत्रालय ने कहा कि धमाके और आग लगने की वजह का अभी पता नहीं चला है और सरकार नुकसान की डिटेल्स चेक कर रही है। मंत्रालय ने आगे कहा, “सरकार इस मामले पर संबंधित देशों से करीब से बातचीत करेगी और होर्मुज स्ट्रेट के अंदर हमारे जहाजों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगी।”

मिडिल ईस्ट में लड़ाई शुरू होने के बाद से दक्षिण कोरिया से जुड़े 26 जहाज स्ट्रेट में फंसे हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले अपने ट्रूथ सोशल पर कहा कि ईरान ने दक्षिण कोरिया के कार्गो शिप पर फायरिंग की थी।

वहीं ईरानी नेवी ने कहा है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के पास काम कर रहे अमेरिकी नेवी के डिस्ट्रॉयर के पास वॉर्निंग शॉट फायर किए। स्टेट ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी के मुताबिक, नेवी ने होर्मुज स्ट्रेट के पास यूएस डिस्ट्रॉयर का पता लगाया और वॉर्निंग शॉट फायर की और उन कामों के नतीजों के बारे में आगाह किया।

ईरान की तरफ से यूएई में किए गए हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सेना को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट या फारस की खाड़ी में यूएस के जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की तो वे धरती से मिटा दिए जाएंगे।

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार दोपहर (स्थानीय समय) ट्रूथ सोशल पर कहा कि मिलिट्री ने स्ट्रेट में सात ईरानी नावों को मार गिराया, जब तेहरान ने रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रही दूसरी नावों को निशाना बनाया।

सोमवार को कई मिसाइलों और ड्रोन ने यूएई को निशाना बनाया, जिसमें फुजैराह में एक तेल प्लांट भी शामिल है, जिसमें आग लग गई। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने सोमवार को बताया कि यूएई में फुजैराह से सात नॉटिकल मील उत्तर में एक टैंकर पर प्रोजेक्टाइल लगने की खबर है।

यूएई ने ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर पर किए गए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है। यूएई की सरकारी तेल कंपनी एडीएनओसी के अनुसार, ओमान तट के पास एमवी बाराकाह नामक टैंकर पर दो ड्रोन से हमला किया गया। हालांकि हमले के समय जहाज खाली था।

यूएई के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल आर्थिक दबाव या ब्लैकमेल के रूप में करना "समुद्री डकैती" के समान है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्म्स (आईआरजीसी) द्वारा की गई। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करार दिया और कहा कि ये क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से सही नहीं है।

यूएई के अनुसार, इस घटना ने पहले से ही संवेदनशील क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है और यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री सुरक्षा पर पड़ सकता है।

ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया है कि सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी सेना ने जिन छह तथाकथित ईरानी छोटी नावों को निशाना बनाया, वे आईआरजीसी से जुड़ी नहीं थीं, बल्कि सामान और यात्रियों को ले जा रही आम नागरिक नावें थीं और हमले में पांच लोग मारे गए।

एक सैन्य अधिकारी ने तस्नीम न्यूज एजेंसी को बताया कि हमलों की अमेरिकी रिपोर्ट के बाद, ईरानी अधिकारियों ने जांच की और पता चला कि अमेरिकी सेना ने ओमान के तट पर खासाब से ईरानी तट की ओर बढ़ रही आम नागरिकों को ले जा रही दो छोटी मालवाहक नावों पर हमला किया था।

--आईएएनएस

 

 

 

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