कोलकाता: टीएमसी की ओर से ईवीएम और पोस्टल बैलेट को लेकर लगाए गए आरोपों पर डीईओ स्मिता पांडेय ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत की।
आईएएनएस से बातचीत में डीईओ स्मिता पांडेय ने कहा कि ईवीएम मशीन के अंदर होती है। इसका कोई कनेक्शन नहीं होता और इसका स्ट्रांग रूम भी अलग होता है। हम पोस्टल बैलेट को अलग रखते हैं और इसे अलग ही रखा जाता है। यह पूरी तरह से सील होता है। उन्होंने कहा कि टीएमसी की ओर से लगाए जा रहे आरोप का कोई आधार नहीं है।
टीएमसी नेता नेता शशि पांजा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कैमरा नंबर 17 पर यह देखा गया कि कुछ अधिकारी अंदर मौजूद थे और पोस्टल बैलेट से जुड़ा काम कर रहे थे। ऐसा कहा जा रहा है कि हमारी तरफ से अंदर कोई कैमरा सेटअप नहीं लगाया गया था; केवल बाहरी कैमरों से ही अंदर के दृश्य दिखाई दे रहे थे। यह भी कहा गया है कि चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों को अंदर ले जाने की अनुमति दी थी लेकिन हमें इस बारे में सूचित नहीं किया गया था। यही वह चिंता है जिसे उठाया जा रहा है।
शशि पांजा ने कहा कि चुनाव आयोग ने निर्णय लिया है कि पहले जो कैमरे में देख सकते थे, अब उस पर पाबंदी है। अब जिस एजेंट का नाम पार्टी की तरफ से दिया जाएगा, वो 10 एजेंट शिफ्ट के अनुसार एक-एक कर वीडियो देख सकेंगे।
वहीं, सौगत रॉय ने कहा कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को देखना हर उम्मीदवार का फर्ज होता है। कुणाल घोष और शशि पांजा हमारे उम्मीदवार हैं। वह दोनों स्ट्रांग रूम की सुरक्षा देखने के लिए गए। उन्होंने कहा कि पता नहीं क्यों गुजरात के लोग यहां आकर स्ट्रांग रूम में अशांति पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा हार रही है और ड्रामा कर रही है।
कोलकाता में स्ट्रांग रूम के बाहर हुए हंगामे पर समाजवादी पार्टी के नेता आशुतोष वर्मा ने आईएएनएस से कहा कि ऐसे कैसे हो गया कि रात में बैलेट बॉक्स को खोला गया। ये कौन अधिकारी हैं, जिन्होंने ऐसा किया। अगर एक चुनी हुई मुख्यमंत्री सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करती हैं, तो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस बारे में बताना चाहिए। अशुतोष वर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि दुखद है कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलकर वो काम कर रहा है, जिससे लोकतंत्र को खत्म किया जा सके। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए कहा कि आयोग की भूमिका सवालों के घेरे में है।
--आईएएनएस
