UPI Fraud : दिल्ली पुलिस ने यूपीआई धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया, मोबाइल चोरी का मुख्य आरोपी कुशाग्र आहूजा गिरफ्तार

दिल्ली मेट्रो यूनिट ने यूपीआई फ्रॉड का मास्टरमाइंड पकड़ा
दिल्ली पुलिस ने यूपीआई धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया, मोबाइल चोरी का मुख्य आरोपी कुशाग्र आहूजा गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की मेट्रो यूनिट ने साइबर फॉरेंसिक और तकनीकी निगरानी के जरिए एक बड़े यूपीआई धोखाधड़ी मामले को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने चोरी किए गए मोबाइल फोन के जरिए 1.20 लाख रुपए से अधिक की उन्नत यूपीआई धोखाधड़ी की थी।

मेट्रो यूनिट ने आईजीआईए मेट्रो पुलिस स्टेशन में दर्ज ई-एफआईआर संख्या 80019309/2026 (धारा 303(2) बीएनएस) की जांच के दौरान इस सफलता को हासिल किया। पुलिस के अनुसार, एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी होने के बाद उसके यूपीआई ऐप से 1,20,390 रुपए के फर्जी लेनदेन किए गए। जांच टीम ने उन्नत साइबर फॉरेंसिक टूल्स का इस्तेमाल करते हुए 11 संदिग्ध यूपीआई ट्रांजेक्शन की पूरी ट्रेल मैप की।

धन का हस्तांतरण कई स्थानीय व्यापारियों के खातों के माध्यम से तेजी से किया गया था, जो एक संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा था। फॉरेंसिक विश्लेषण और जमीनी खुफिया जानकारी से सफीदों निवासी नीतू नामक मुख्य लाभार्थी की पहचान हुई। नीतू की पूछताछ से मुख्य आरोपी कुशाग्र आहूजा (32 वर्ष) का नाम सामने आया।

आरोपी कुशाग्र आहूजा के पास कोई स्थायी ठिकाना नहीं था और वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार जगह बदलता रहता था। पुलिस की टीमों ने तकनीकी निगरानी और फील्ड इंटेलिजेंस के सहारे लगातार उसका पीछा किया। 1 मई 2026 को प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर कश्मीरी गेट आईएसबीटी क्षेत्र में गहन तलाशी अभियान चलाया गया। विशेष टीम ने आरोपी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कुशाग्र ने चोरी के मोबाइल से यूपीआई धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की है।

पुलिस अब चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। बी. भरत रेड्डी, आईपीएस, उप पुलिस आयुक्त (मेट्रो) ने कहा कि यह सफलता साइबर खुफिया, तकनीकी निगरानी और जमीनी अभियानों के प्रभावी समन्वय का नतीजा है। दिल्ली पुलिस डिजिटल अपराधों से निपटने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल चोरी होने पर तुरंत यूपीआई ऐप्स, बैंक खातों और सिम को ब्लॉक कराएं तथा तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही संदिग्ध लिंक या अनजान नंबरों से आए मैसेज पर ओटीपी या बैंक डिटेल्स कभी शेयर न करें।

--आईएएनएस

 

 

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