चंडीगढ़: पंजाब के अमृतसर और जालंधर में हुए धमाकों के बाद शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि मान सरकार अब किसी लायक नहीं बची है। यही अच्छा होगा कि अपना इस्तीफा दे देना चाहिए।
दलजीत सिंह चीमा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "पंजाब एक बहुत गहरी साजिश का शिकार है। अगर हम लगातार हो रही घटनाओं को देखें, तो पंजाब में शांति भंग करने का एक खतरनाक सिलसिला चल रहा है। पुलिस थानों, पुलिस चौकियों, चंडीगढ़ में भाजपा दफ्तर और इंटेलिजेंस मुख्यालय पर ग्रेनेड हमले हो चुके हैं। गुरदासपुर में एक भाजपा कार्यकर्ता की दुकान पर हमला हुआ। अमृतसर में एक मंदिर के पास हमला हुआ। ये सभी संकेत बताते हैं कि कोई बहुत बड़ी ताकत पंजाब में शांति भंग करना चाहती है।"
शिरोमणि अकाली दल के नेता कहा कि मंगलवार को जालंधर में बीएसएफ के हेडक्वार्टर के पास और अमृतसर में आर्मी कैंप के बाहर धमाके हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं पर न राज्य सरकार जाग रही है और न केंद्र सरकार कोई एक्शन ले रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में लूटपाट, फिरौती, डकैती और हत्याओं जैसी दूसरी आपराधिक घटनाएं अपने चरम पर हैं।
अकाली दल के नेता ने कहा, "राज्य सरकार सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने में लगी हुई है। कभी दिल्ली जाकर सत्तापक्ष के लोग नौटंकी कर रहे हैं तो कभी राष्ट्रपति से मिल रहे हैं। पंजाब की भगवंत मान सरकार को अपनी जिम्मेदारियों का भी एहसास नहीं है। राज्य सरकार को कहना चाहता हूं कि आपसे पंजाब नहीं संभाला जा रहा है। आपके 7 राज्यसभा सदस्य पार्टी छोड़कर जा चुके हैं।"
चीमा ने अपनी बात दोहराते हुए कहा, "सवाल यह है कि इस स्थिति में राज्य के लोग किस तरह अपनी जिंदगी जिएं। कोई ताकत ऐसी है, जो देश और पंजाब में अशांति चाह रही है। सरकारों से अपील है कि उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए।"
हालांकि, आम आदमी पार्टी के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने पंजाब में हुए धमाकों के बाद सरकार का बचाव किया है। उन्होंने कहा, "कुछ ताकतें लोगों को बांटने का काम करती हैं, लेकिन पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस बिल्कुल सक्षम है। दो भी दोषी होंगे, उन्हें कानून के हिसाब से सजा मिलेगी।"
मलविंदर सिंह कंग ने कहा, "यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। चूंकि पंजाब विधानसभा चुनाव भी नजदीक आ रहे हैं, इसलिए असामाजिक तत्व पंजाब में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।"
--आईएएनएस
