गांधीनगर: गुजरात में अधिकारियों ने राज्यव्यापी खाद्य सुरक्षा निरीक्षण अभियान के तहत लगभग 1,018 किलोग्राम संदिग्ध पनीर नष्ट कर दिया है, जिसकी कीमत लगभग 1.83 लाख रुपए है। इस अभियान का उद्देश्य डेयरी उत्पादों और गर्मियों में उपयोग होने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकना है।
यह कार्रवाई विनिर्माण इकाइयों, रेस्तरां, ढाबों और स्ट्रीट वेंडरों के निरीक्षण के बाद की गई, जिसमें संदिग्ध मिलावटी डेयरी उत्पाद और पनीर पाए गए।
खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत अनुपयुक्त या संदिग्ध पाए जाने पर स्टॉक को जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने कहा कि यह प्रवर्तन अभियान राज्य के 'खाद्य शुद्धता अभियान' का हिस्सा है, जिसके तहत अप्रैल माह में गुजरात भर में 4,193 इकाइयों का निरीक्षण किया गया।
उन्होंने बताया कि खाद्य एवं औषधि नियामक प्राधिकरण के साथ समीक्षा बैठक के बाद इस अभियान को और तेज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और मिलावट के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति का पालन करती है।
उन्होंने आगे कहा कि मिलावटी उत्पादों को डेयरी उत्पादों के रूप में बेचने वालों, विशेष रूप से उन्हें पनीर बताकर गलत तरीके से पेश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए 118 खाद्य नमूने एकत्र किए और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के लिए लगभग 270 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए।
अधिकारियों ने पुष्टि की कि आगे की कार्रवाई प्रयोगशाला विश्लेषण के परिणामों पर निर्भर करेगी।
जब्त किए गए पनीर के अलावा, प्रवर्तन टीमों ने स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के लिए 18 प्रतिष्ठानों को सील भी कर दिया।
राज्य भर के नगर निगमों ने इस अभियान के दौरान उल्लंघनकर्ताओं से कुल मिलाकर 2.84 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना वसूला।
मौसमी पेय पदार्थों और स्ट्रीट फूड की बढ़ती खपत को देखते हुए निरीक्षण अभियान को गन्ने के रस, आम के रस, आइस गोला और तरबूज जैसी वस्तुओं तक भी बढ़ाया गया।
--आईएएनएस
