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Manoj Parmar Fraud : ईडी ने मनोज परमार और अन्य साथियों के खिलाफ 2.08 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की

ईडी ने लोन फ्रॉड मामले में मनोज परमार की करोड़ों की संपत्तियां जब्त कीं
ईडी ने मनोज परमार और अन्य साथियों के खिलाफ 2.08 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की

भोपाल: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भोपाल जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत मनोज परमार और अन्य साथियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश के आष्टा, सीहोर में लगभग 2.08 करोड़ रुपए की 12 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है।

प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह सामने आया कि मनोज परमार ने तत्कालीन पंजाब नेशनल बैंक, आष्टा ब्रांच के मैनेजर मार्क पायस करारी के सहयोग से दो सरकारी योजनाओं, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना (सीएमवाईयूवाई) के तहत धोखाधड़ी से लोन प्राप्त किए थे।

जांच में यह भी सामने आया था कि इन्होंने नकली आवेदन पत्र, जाली दस्तावेज और फर्जी कोटेशन का उपयोग कर कुल 18 लोन मंजूर किए थे, जिनकी कुल राशि 6.20 करोड़ रुपए थी, जिनमें से 6.01 करोड़ रुपए जारी किए गए थे।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि लोन की मंजूरी के लिए निर्धारित शर्तों को अनदेखा किया गया और ब्रांच मैनेजर की वित्तीय शक्ति से अधिक लोन स्वीकृत किए गए। बाद में बैंक अधिकारियों की ओर से किए गए फील्ड इंस्पेक्शन में यह साबित हुआ कि इन लोन से संबंधित कोई भी व्यवसायिक इकाई नहीं बनाई गई थी, और कई लाभार्थियों ने लोन लेने की बात से मना कर दिया था।

इस धोखाधड़ी के पैसों को मनोज परमार और उसके करीबी सहयोगियों की ओर से नियंत्रित फर्मों के खातों में ट्रांसफर किया गया और फिर इन पैसों को विभिन्न तरीके से सर्कुलेट किया गया, जैसे कि नकद में निकालना और जाली व्यापार गतिविधियां दिखाना।

ईडी के अनुसार, सरकारी सब्सिडी वाले लोन का इस प्रकार से डायवर्ट किया जाना और इस सारे पैसे का मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए सफेद किया जाना दर्शाता है कि इस धोखाधड़ी से अपराध की कमाई हुई थी।

मनोज परमार और उसके सहयोगियों ने मिलकर सार्वजनिक धन का अनुचित उपयोग किया और उसे व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल किया। यह कार्रवाई सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर की गई है।

प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार अभी इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं। जांच अभी भी जारी है और प्रवर्तन निदेशालय ने मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना जताई है।

--आईएएनएस