Dhurandhar Film Controversy : इस्लामिक देश धुरंधर फिल्म का विरोध क्यों कर रहे: भीम सिंह

धुरंधर फिल्म विवाद: खाड़ी देशों के प्रतिबंध पर भाजपा सांसद भीम सिंह की प्रतिक्रिया
इस्लामिक देश धुरंधर फिल्म का विरोध क्यों कर रहे: भीम सिंह

नई दिल्ली: देशभर में हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'धुरंधर' को सराहा जा रहा है, लेकिन कई खाड़ी देशों में फिल्म 'धुरंधर' पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसे लेकर भाजपा सांसद भीम सिंह ने कहा कि इस्लामिक देश इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं। इस फिल्म में आतंकवाद को दिखाया गया है, तो उन्हें परेशानी क्यों हो रही है?

नई दिल्ली में भाजपा सांसद ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह फिल्म आतंकवाद को दिखाती है, और ऐसा होता है कि कुछ आतंकवादी इस्लाम से जुड़े होते हैं। संयोग है कि जितने भी आतंकवादी पकड़े जाते हैं, उनमें इस्लाम धर्म के अनुयायी लोग हैं। फिल्म में आतंकवाद दिखाया जा रहा है तो बुरा क्यों मानते हैं? भारत में अभिव्यक्ति संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि फिल्म में कुछ भी गलत नहीं है। भारत के सेंसर बोर्ड ने उसे पास किया है, फिल्म का प्रदर्शन रोकना उचित नहीं है। जो इस्लामिक देश इस फिल्म का विरोध कर रहे हैं, उन्हें आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। क्यों आतंकवाद के खिलाफ कोई बयान या फिल्म दिखाई जाती है तो विरोध क्यों करते हैं? इससे आतंकवादी तत्वों को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि जिन देशों में फिल्म पर प्रतिबंध लगाया है, वे अपना विचार बदलें।

2001 के संसद हमले की बरसी पर भाजपा सांसद ने कहा कि आज से 24 साल पहले पाकिस्तानी आतंकवादियों ने संसद पर हमला किया था। हमारे बहादुर जवानों ने इसकी रक्षा करते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी। आज हम उन्हें याद करते हैं और श्रद्धांजलि देते हैं तथा उनके साहस और देश के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करते हैं। आतंकवाद बहुत निंदनीय है। ऐसी घटना के बाद भी राजनीति की जाती है। राष्ट्र में सर्वसम्मति होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष के लोग भी राजनीति करते हैं।

उन्होंने सीएम ममता बनर्जी के बयान पर कहा कि वे यह बयान निराशा में दे रही हैं। बिहार में विपक्षियों के पांव उखड़ गए हैं, इसलिए वे डर गई हैं और प्रदेश में हिंसा को उकसा रही हैं। डराना गलत है। वोटर लिस्ट से नाम काटा जाता है तो घुसपैठियों का काटा जाता है, इसमें दिक्कत क्यों है? जितनी निंदा की जाए, कम है।

उन्होंने असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने सही कहा है कि केवल पैसे के बल पर वोट नहीं मिलता। पैसे के दम पर वोट खरीदा जाए, वह नहीं चलता। सही बात है कि मुसलमानों को लाखों रुपए दे दीजिए, तब भी वोट नहीं देंगे।

--आईएएनएस

 

 

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