Mohammed Rafi Songs : जब 'दिल के झरोखे में' की शूटिंग के दौरान अपने आंसू नहीं रोक पाए शम्मी कपूर

इंडियन आइडल में शम्मी कपूर-मोहम्मद रफी की यादें, मनोज मुंतशिर ने सुनाया किस्सा
जब 'दिल के झरोखे में' की शूटिंग के दौरान अपने आंसू नहीं रोक पाए शम्मी कपूर

मुंबई: इंडियन आइडल के आने वाले एपिसोड में एक पुरानी यादें ताजा करने वाला एक बेहद भावुक और यादगार पल देखने को मिलेगा। शो में दिग्गज गायक मोहम्मद रफी और दिवंगत अभिनेता शम्मी कपूर की शानदार जोड़ी को उनके मशहूर गीत ‘दिल के झरोखे में’ के जरिए याद किया जाएगा।

इस खास एपिसोड में गीतकार और कवि मनोज मुंतशिर भी नजर आएंगे। यह एपिसोड आशा भोसले को समर्पित है। इस दौरान मनोज मुंतशिर ने इस गाने से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में शम्मी कपूर इस गाने को फिल्माने के लिए तैयार नहीं थे।

 

मनोज ने कहा, “जब यह गाना शम्मी जी को सुनाया गया, तो उन्होंने इसे फिल्माने से मना कर दिया था। ‘ब्रह्मचारी’ फिल्म के निर्माता रमेश सिप्पी थे और सेट पर यह खबर फैलते ही हड़कंप मच गया। सभी को लगा कि शायद शम्मी जी को गाना पसंद नहीं आया।”

 

इसके बाद मनोज ने असली वजह भी बताई। उन्होंने कहा, “असल में बात कुछ और थी। शम्मी जी ने कहा था कि फिल्म के उस सीन में उन्हें रोना नहीं था, लेकिन शंकर–जयकिशन ने इतना भावुक गाना बना दिया था कि उन्हें डर था कि शूटिंग के दौरान वे अपने आंसू नहीं रोक पाएंगे। उन्होंने कहा था, ‘मैं खुद को जानता हूं… कृपया यह गाना बदल दीजिए।’”

 

मनोज मुंतशिर ने आगे बताया कि शम्मी कपूर ने खुद एक इंटरव्यू में कहा था कि इस गाने की शूटिंग करते समय अपने आंसू रोकना उनके लिए बेहद मुश्किल था। उस भावना को सिर्फ उनका दिल ही समझ सकता था।

हाल ही में मनोज मुंतशिर ने जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीमिंग वेब सीरीज ‘चिरैया’ की भी तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि कला और कलम का भी समाज के प्रति उत्तरदायित्व होता है और यह सीरीज इस कसौटी पर खरी उतरती है। उन्होंने कहा था कि अब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भी अपनी सामाजिक जवाबदेही समझनी चाहिए। ‘चिरैया’ हमें एक बेहतर, ज्यादा संवेदनशील और जिम्मेदार व्यक्ति तथा समाज बनाने की प्रेरणा देती है।

--आईएएनएस

 

 

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