पर्यावरण
घोंसला निर्माण की अद्भुत कला होती है गौताई पक्षी में
हम पंछी उन्मुक्त गगन के, पिंजरबद्ध न गा पायेंगे। वास्तव में खुले आसमान में विचरण करते हुवे पक्षियों के संसार पर पंक्तियां सटीक बैठती हैं। उन्मुक्त गगन में पक्षी उड़कर एक देश से दूसरे देश तक पहुंच जाती हैं। हमारे चारों ओर पक्षियों का अनोखा संसार हमें देखने को मिलता है तथा पक्षियों के चहचहाट,खुले आसमान में उड़ते पक्षी शुद्ध पर्यावरण की निशानी हैं। ...
By दैनिक हाक