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पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई चूक मामले पर सीएम धामी ने कांग्रेस पर साधा जमकर निशाना

 
dhami
निजी चैनल के स्टिंग का हवाला देते हुए पूरे प्रकरण के लिए पंजाब कांग्रेस को बताया जिम्मेदार 
देहरादून:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के मामले पर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। राजधानी देहरादून में भाजपा की संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान सीएम धामी ने इस मामले पर कांग्रेस से जवाब मांगा है। भाजपा हाईकमान के दिशा निर्देश पर राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। हालांकि पूरे मसले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ही मीडिया से बातचीत की। सीएम धामी ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में पंजाब में हुई चूक के मामले पर निजी चैनल के स्टिंग का हवाला देते हुए पूरे प्रकरण के लिए पंजाब कांग्रेस को जिम्मेदार बताया है। हालांकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुताबिक स्टिंग में सुरक्षा अधिकारी के जरिए तमाम बातों की जानकारी अपने आला अधिकारियों को दी गई। लेकिन उसके बावजूद भी कोई कार्यवाही प्रदर्शनकारियों के ऊपर नहीं की गई। जिससे इस बात के प्रमाण मिलते हैं कि कांग्रेस प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई बड़ी साजिश पंजाब में रच रही थी। इस पत्रकार वार्ता में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी पार्टी का मौजूदा चुनाव में स्लोगन भी जारी किया है, करती है, करेगी सिर्फ भाजपा, का नारा चुनाव के लिए दिया गया है। वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 5 सालों में डबल इंजन की सरकार का प्रदेश की जनता को मिले लाभ के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ऑल वेदर रोड के प्रोजेक्ट के अलावा ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन, नेशनल हाईवे समेत कई विकास के कार्य प्रदेश में किए गए। जिसको लेकर भारत सरकार और राज्य सरकार ने मिलकर अंतिम छोर पर बैठे हुए व्यक्ति को सभी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है। इसी विकास के मुद्दे पर पार्टी 2022 का चुनाव लड़ने जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवस्थानम बोर्ड के मसले पर कहा कि पहले के मुख्यमंत्रियों ने उस वक्त की स्थिति को देखते हुए फैसला लिया था और देवस्थानम बोर्ड के वापस लेने का फैसला भी सभी नेताओं के साथ चर्चा के बाद ही सरकार ने लिया है। हालांकि उन्होंने कहा 5 साल में भले ही 3 मुख्यमंत्री को उत्तराखंड में जिम्मेदारी दी गई हो, लेकिन एक ही पार्टी और उसी नीति के आधार पर प्रदेश में विकास के काम किए गए हैं। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर भी लंबे अरसे से जो कवायद चल रही थी। आखिरकार उसमें सफलता मिली और परिसंपत्तियों का संपूर्ण बंटवारा हो चुका है। जिसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और सभी अधिकारियों का शुक्रिया भी अदा किया।