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गरीबों को गेंहू,चावल और तेल देकर विपक्ष का गणित बिगड़ने में जुटी योगी सरकार

 
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कोरोना को लेकर किए उपायों से अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में योगी सरकार को फायदा हो सकता है। कोरोना के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से किए राहत वाले उपायों ने योगी सरकार के लिए विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के प्रति जनता के बीच सकारात्मक भावना पैदा करने के लिए अवसर की एक नई खिड़की खोल दी है। दरअसल, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना योजना के तहत योगी सरकार अब अगले साल मार्च तक गेहूं, चावल के साथ दाल, तेल और चीनी भी मुफ्त में देगी। 
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यूपी में कोविड की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित गरीबों के लिए योगी सरकार मुफ्त राशन देगी और ऑनलाइन शिक्षा के लिए स्मार्टफोन और टैबलेट भी राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन की सेवा को अगले साल मार्च तक बढ़कर राहत पैकेज में गेंहू-चावल के साथ तेल, दाल और नमक को जोड़ने की भी घोषणा की। योगी सरकार ने कहा कि इसका पूरा खर्च राज्य उठाएगा।
गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवार (अंत्योदय कार्ड धारक और प्राथमिकता वाले परिवार) विस्तारित योजना का लाभ उठा सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी ने ऐलान किया है कि अंत्योदय कार्ड धारकों को राशन में 35 किलो चावल, गेहूं के साथ-साथ दाल, तेल और नमक भी दिया जाएगा। अंत्योदय कार्डधारकों को हर महीने चीनी भी मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान किया। इस योजना से 15 करोड़ लोगों को फायदा पहुंचेगा। चुनावी विश्लेषकों की मानें तब योगी सरकार के इन कदमों से भाजपा को जहां फायदा होगा, वहीं सत्ता में वापसी की राह देख रही विपक्षी पार्टियों का खेल बिगड़ सकता है। 
अब तक प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना के तहत अप्रैल 2020 से नवम्बर 2020 तक और फिर मई 2021 से नवम्बर तक दिया जा रहा है। यानी अभी तक कुल 12 महीने नि:शुल्क राशन का वितरण किया जा चुका है। इसमें तीन किलो गेहूं, दो किलो चावल दिया जाता है। इसी योजना को राज्य सरकार अपने संसाधनों से मार्च 2022 तक चलाने की योजना बना रही है। राज्य सरकार इसमें 1 किलो दाल, 1 लीटर तेल और नमक का एक पैकेट जोड़ेगी। माना जा रहा है कि योगी सरकार के इस ऐलान से गरीब तबकों में भाजपा के प्रति एक सकारात्मक भावना पैदा होगी और इसका असर चुनाव में देखने को मिल सकता है।
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के विभाग के मूल्य निगरानी प्रकोष्ठ के अनुसार, पिछले एक साल में पैकेट बंद सरसों के तेल की खुदरा कीमत 43 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 187 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। इस लिहाज से देखा जाए योगी सरकार की ओर से तेल मिलने पर गरीबों को राहत मिलेगी। ठीक इसी तरह नवंबर के अंत तक यूपी सरकार विभिन्न शिक्षण/ प्रशिक्षण कार्यक्रमों जैसे स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और कौशल विकास में नामांकित छात्रों को टैबलेट और स्मार्टफोन भी वितरित करेगी। बताया जा रहा है कि गरीब युवाओं को एक करोड़ टैबलेट/स्मार्टफोन वितरित किए जाएंगे, जिसके लिए राज्य 3,000 करोड़ खर्च करेगा।