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कलियुग में जीवंत हुआ त्रेतायुग, भगवान राम के आगमन पर जगमगायी अयोध्या

 
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अयोध्या: मान्यता है कि लंका विजय और 14 वर्ष का वनवास काटकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जब अयोध्या लौटे तो प्रजा ने दीप प्रज्जवलित कर दीपोत्सव मनाया। यह बात त्रेता युग की है। लेकिन इस कलियुग में एक बार फिर अयोध्या में त्रेता युग सरीखी छटा देखने को उस समय मिली जब यहां एक साथ 12 लाख दीप जलाकर समूची अयोध्या का अंधेरा दूर हो गया।
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने साल 2017 में सरकार बनने के बाद पहली दीपावली से अयोध्या में बड़े पैमाने पर दीपोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ किया था। इसी श्रंृखला में बुधवार को अयोध्या में पांचवां दीपोत्सव और भी भव्य और दिव्य तरीके से आयोजित किया गया। पुष्पक विमान (हेलीकाप्टर) से आज भगवान श्री राम, मां सीता और भ्राता लक्ष्मण जब राम कथा पार्क में उतरे तो स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने अपने कैबिनेट के सहयोगियों के साथ भगवान के स्वरूप की अगवानी की। इस दौरान जब हेलीकॉप्टर से तीन बार पुष्पवर्षा हो रही थी तो समूचा क्षेत्र ‘जय जय श्री राम’ के नारों से गुंजायमान हो उठा। योगी सरकार दीपोत्सव पर अयोध्या नगरी में 12 लाख दीये जलाने का ऐलान किया था। इनमें से अकेले नौ लाख दीप सरयु किनारे राम की पैड़ी पर प्रज्जवलित हुए तो शेष समूची अयोध्या में जले। इस तरह एक साथ 12 लाख दीप जलाकर कीर्तिमान स्थापित किया गया। दीपोत्सव को देखने के लिए ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ की एक टीम ने पहले से ही अयोध्या में डेरा डाल रखा था। विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए मिट्टी के एक दीए को कम से कम पांच मिनट तक जलाना होगा। 
राम की पैड़ी के 32 घाटों पर दीपों को प्रज्जवलित करने के काम में 12 हजार स्वयंसेवियों ने किया। राम की पैड़ी के अलावा राम मंदिर परिसर में भी ऐतिहासिक दीपोत्सव मनाया गया। रामलला के वैकल्पिक गर्भगृह के अलावा निर्माणाधीन राम मंदिर परिसर का कोना-कोना दीपों के प्रकाश से आलोकित किया गया। यहां कुल एक लाख 22 हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में पंक्तिबद्ध दीप रखे गए हैं। राम मंदिर में 51 हजार दीप प्रज्जवलित किए गए। दीपोत्सव के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या में 57 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया। ये विकास परियोजनाएं लगभग 678.65 करोड़ की हैं। इसमें मार्ग, सीवर के साथ ही पेयजल पाइप लाइन व अन्य योजनाएं भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 में पहली बार दीपोत्सव का आयोजन किया था। दीपोत्सव की शुरुआत 51 हजार दीयों से हुई थी। इसी तरह 2018 में 3,01,152, वर्ष 2019 में 4,04,226 मिट्टी के दीये, वर्ष 2020 में 6,06,569 मिट्टी के दीये सरयू के तट पर जलाए गए थे। इस बार के दीपोत्सव में 12 लाख मिट्टी के दीये जलाए गए। साथ ही सरयू के तट पर ‘लेजर लाइट’ शो के माध्यम से रामायण को प्रस्तुत किया गया।