उत्तरकाशी : चारधाम यात्रा–2026 के तहत गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ और आगामी यात्रा पीक को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में किसी भी संभावित खतरे को निष्प्रभावी करने के उद्देश्य से सोमवार को गंगोत्री धाम में बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) द्वारा सघन एंटी-सैबोटाज चेकिंग अभियान चलाया गया। इस व्यापक सुरक्षा कवायद के चलते धाम क्षेत्र में दिनभर अफरा-तफरी नहीं बल्कि सतर्कता और अनुशासन का माहौल बना रहा, जहां हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई।
पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के दौरान बीडीएस टीम ने गंगोत्री धाम परिसर, स्नान घाटों, पार्किंग स्थलों, प्रतीक्षालयों और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में मेटल डिटेक्टर और अत्याधुनिक डिटेक्शन उपकरणों की मदद से गहन तलाशी ली। टीम ने हर संदिग्ध वस्तु और स्थान की बारीकी से जांच की, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक न हो। यात्रा मार्गों और प्रमुख पड़ावों पर भी विशेष निगरानी रखते हुए सुरक्षा का दायरा लगातार विस्तारित किया जा रहा है।
चारधाम यात्रा के इस महत्वपूर्ण चरण में उत्तरकाशी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय बना दिया है। गंगोत्री धाम और यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है, जिससे हर गतिविधि पर रियल टाइम नजर रखी जा सके। इसके साथ ही बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन अभियान भी तेज कर दिया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस के साथ आपदा प्रबंधन टीमें, एटीएस, बीडीएस और अभिसूचना इकाइयों की तैनाती कर एक मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा में आने वाले हर श्रद्धालु की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने बताया कि आगामी यात्रा पीक को ध्यान में रखते हुए पैरामिलिट्री फोर्स की भी तैनाती कर दी गई है, जिससे भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा दोनों को प्रभावी तरीके से संभाला जा सके। बीडीएस और अभिसूचना टीमें लगातार अलर्ट मोड में रहकर हर इनपुट पर नजर बनाए हुए हैं।
गौरतलब है कि चारधाम यात्रा के दौरान गंगोत्री धाम देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र होता है, ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती भी बड़ी होती है। लेकिन इस बार जिस तरह से तकनीक और मानव संसाधनों का समन्वय करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है, उससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। लगातार चल रहे एंटी-सैबोटाज चेकिंग अभियान और हाईटेक निगरानी व्यवस्था ने यह भरोसा भी मजबूत किया है कि इस वर्ष की चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
