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पाकिस्तान को मदद कर रहा चीन, अमेरिका ने चीन की दर्जनों कंपनियों को व्‍यापार की काली सूची में डाला

 
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इस्‍लामाबाद: भारत का सबसे बड़ा दुश्‍मन चीन हमारे धुर विरोधी पाकिस्‍तान को परमाणु बम और मिसाइलें बनाने में मदद कर रहा है। चीन और पाकिस्‍तान की नापाक साजिश का खुलासा होने के बाद अमेरिका ने ड्रैगन की दर्जनों कंपनियों को व्‍यापार की काली सूची में डाल दिया है।अमेरिका ने इसके पीछे राष्‍ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया है। यही नहीं प्रत‍िबंधित कंपनियां चीन की सेना पीएलए को क्‍वांटम कंप्‍यूटिंग के प्रयासों में भी मदद कर रही थीं। इतना ही नहीं अमेरिका ने चीन और पाकिस्‍तान के 16 संगठनों और लोगों को काली सूची में डाल दिया है।इन लोगों पर पाकिस्‍तान के परमाणु गतिविधियों या मिसाइल कार्यक्रम में योगदान का आरोप है। चीन, जापान, पाकिस्‍तान और सिंगापुर के कुल 27 नए संगठनों को काली सूची में डाला है। अमेरिका के वाणिज्‍य मंत्री गिना रैमोंडो ने कहा कि कदम से अमेरिकी तकनीक की मदद से पाकिस्‍तान के असुरक्षित परमाणु कार्यक्रम या मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगेगी।
अमेरिका ने चीनी सेना को आधुनिकीकरण में मदद करने वाली कंपन‍ियों को भी बैन कर दिया है। इन प्रतिबंधों के बाद अब आपूर्तिकर्ताओं को इन कंपनियों को कोई भी सामान बेचने से पहले अमेरिका सरकार से अनुमति लेनी होगी। माना जा रहा है कि अब यह अनुमति नहीं मिलेगी। बता दें कि चीन भारत के खिलाफ जंग के लिए लगातार पाकिस्‍तानी सेना को आधुनिक हथियारों की आपूर्ति कर रहा है। हाल ही में भारतीय वायुसेना में एस-400 एयर डिफेंस सिस्‍टम के शामिल होने से पहले पाकिस्‍तान की सेना ने चीन निर्मित एचक्यू-9/पी एचआईएमएडीएस एयर डिफेंस सिस्‍टम को अपनी सेना में शामिल किया था। पाकिस्‍तान का दावा है कि चीनी एयर डिफेंस सिस्‍टम लंबी दूरी तक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से लैस है, जो 100 किमी तक फाइटर जेट, क्रूज मिसाइलों और अन्‍य हथियारों को एक वार से तबाह करने में सक्षम है।