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पवार का गडकरी प्रेम

 
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सुधीर जोशी*
महाराष्ट्र की राजनीति में राकांपा सुप्रीमो शरद पवार की क्या हैसियत है, यह किसी को बताने की जरुरत नहीं है। महानगरपालिका, जिला परिषद तथा पंचायत समिति के चुनाव से पूर्व विदर्भ का दौरा करके जहां एक ओर विदर्भ में अपनी पार्टी के ताकत का अंदाजा लगाते हुए विधानसभा में विरोधी पक्ष नेता तथा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की कड़ी आलोचना की तो केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी की खुलकर प्रशंसा की। शरद पवार को भाजपा के एक नेता पर गुस्सा आता है तो दूसरे नेता की प्रशंसा के कसीदे गाते हैं। शरद पवार की राजनीति को समझ पाना सहज नहीं है। शरद पवार ने केंद्र सरकार के कुछ मंत्रियों को आड़े हाथों लिया तो कुछ की तारीफ भी की। शरद पवार ने नितीन गडकरी के कार्यों की सराहना की तो राजनीतिक विश्लेषकों ने इसका-इसका अलग-अलग अर्थ निकाला। शरद पवार जो कुछ भी कहते-करते हैं, उसका सीधा असर दिखायी नहीं देता। शरद पवार में राजनीतिक बयार बदलने की अजीबो-गरीब ताकत है। सरकार को अस्थिर बनाना, सरकार बनाना या सरकार गिराना किसी भी भूमिका में शरद पवार की थाह पाना मुश्किल होता है।
 विरोधी दल के नेताओं की प्रशंसा करना न तो शरद पवार को भाता है और न ही उनकी पार्टी के किसी नेता को भाता है। नितीन गडकरी को पूरे देश की चिंता करने वाला नेता बताने के पीछे शरद पवार का आशय क्या है, यह तो तत्काल पता नहीं चलेगा, लेकिन जब पता चलेगा तो लोग कहेंगे कि तो यह था शरद पवार की ओर नितीन गडकरी की प्रशंसा के पीछे का राज। अपनी पार्टी की विदर्भ में ताकत तलाशने के लिए विदर्भ के दौरे पर पहुंचे राकांपा सुप्रीमो शरद पवार ने फडणवीस से नाराजगी तथा गडकरी की प्रशंसा करके क्या बताने की कोशिश की है, यही बात बहुत से लोग समझ नहीं पाए है। शरद पवार की इस राजनीतिक घुघली को जो समझेगा, वही अपनी विकेट बचा पाएगा, अन्यथा आऊट होना तय है। नितीन गडकरी को समस्या का तुरंत समाधान करने वाले नेता के रूप में मानने वाले शरद पवार नितीन गडकरी की यूं ही तारीफ नहीं की है। 
विदर्भ की विकास योजनाओं के लिए केंद्र की ओर से निधि दिलाने की बात हो या फिर विदर्भ के बेकलाक को पूरा करने के लिए जरूरी निधि दिलाने में नितीन गडकरी से बेहतर कोई अन्य नेता नहीं हो सकता। राज्य में पिछले दिनों हुई हिंसा के पीछे का कारण मतों के ध्रुवीकरण है, इस तरह का जो बयान राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दिया था, उसकी आलोचना करते हुए शरद पवार ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस इस तरह का बयान देंगे, ऐसी मुझे उम्मीद नहीं थी। महाराष्ट्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने अगर इस तरह का बयान दिया होता तो बात दूर तलक नहीं जाती, लेकिन चूंकि बयान देवेंद्र फडणवीस ने दिया है तो बात दूर तलक जाएगी। फडणवीस पर निशाना साधते हुए शरद पवार ने कहा कि हाथ से सत्ता जाने पर कैसी बेचौनी होती है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण देवेंद्र फडणवीस हैं। 
त्रिपुरा में हुई हिंसक घटना की प्रतिक्रिया महाराष्ट्र में होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताने वाले शरद पवार की ओर से नितीन गडकरी की तारीफ को समझने के लिए राजनीतिक विश्लेषक के चश्मे को उपयोग में लाना जरूरी है। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्थान पर विपक्ष के किस नेता को प्रधानमंत्री के रूप में सामने लाया जा सकता है तो उसके लिए शरद पवार ने नितीन गड़करी का नाम सामने लाकर यह बताने की कोशिश की है कि वे नरेंद्र मोदी से नाराज हैं। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राकांपा सुप्रिमो शरद पवार को अपना राजनीतिक गुरु मानते हैं, लेकिन गुरु अपने शिष्य से नाराज हैं और अपने शिष्य के स्थान पर नितीन गडकरी को संभावित प्रधानमंत्री के रुप में देख रहे हैं। वैसे 2014 से लेकर 2021 की कालावधि में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ कम हुआ है, हालांकि प्रधानमंत्री के रुप में अभी-भी 43 प्रतिशत लोग नरेंद्र मोदी को ही पसंद कर रहे हैं, लेकिन अगर लोकसभा के आगामी चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला और अन्य दलों के सहयोग से सरकार बनाने का अवसर आया तो नितीन गडकरी को प्रधानंमत्री पद के उम्मीदवार के रूप में सामने लाया जा सकता है और अगर नितीन गडकरी प्रधानमंत्री बने तो शरद पवार को कोई बडा पद मिलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। शरद पवार के लिए कहा जाता है कि वे किसी भी विपरीत स्थिति को संभालने में माहिर है। 
अपने चार दिवसीय दौरे पर आए शरद पवार ने नागपुर, चंद्रपुर, गडचिरोली, वर्धा तथा यवतमाल जिलों मे पार्टी के नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया है और जिले में पार्टी की स्थिति का मूल्यांकन किया और विदर्भ में राकांपा की मजबूती के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश नेताओं को दिए। 17 नवंबर को नागपुर शहर तथा जिला पदाधिकारियों के साथ मिटिंग के बाद 18 नंवबर को गडचिरोली के देसाईगंज वडसा में कार्यकर्ता सम्मेलन, शाम 5.30 बजे चंद्रपुर जिले के मूल में कार्यकर्ता सम्मेलन, 19 नवंबर, को चंद्रपुर में सुबह 9.30 बजे डाक्टरो- व्यापारियों के साथ शरद पवार ने चर्चा की।  फरवरी-2022 में नागपुर, चंद्रपुर तथा अमरावती महानगरपालिका के चुनाव होने वाले हैं, उसके मद्देनज़र शरद पवार विदर्भ का दौरा कर रहे हैं। शरद पवार का दौरा समाप्त होने के बाद राकांपा की अंदरुनी स्थिति उन जिलों में स्पष्ट होगी, जहां शरद  पवार ने दौरा किया है।
 
शरद पवार के विदर्भ दौरे को राजनीतिक गलियारे में दो-दो अलग-अलग उद्देश्यों को सामने रखकर किया गया बताया जा रहा है। देवेंद्र फडणवीस के प्रति नाराजगी तथा  नितीन गडकरी की प्रशंसा के बीच शरद पवार के संभावित राजनीतिक मंथन ने क्या कुछ सामने आएगा, यह तो भविष्य ही बताएगा, लेकिन इतना तो तय है कि शरद पवार का नितीन गडकरी के प्रति उपजा प्रेम सहज ही नहीं है। कुछ चंद लोगों का मानना है कि शरद पवार और नितीन गडकरी की प्रशंसा का गूढ़ कुछ ही दिनों में सामने आएगा, तब लोगों को समझेगा कि महाराष्ट्र के राजनीतिक चाणक्य शरद पवार आखिर नितीन गडकरी की तारीफ क्यों कर रहे थे।                  

—दैनिक हाक फीचर्स

*द्वारा डा हेमंत जोशी, बाल रोग चिकित्सक, विरार (पूर्व), पालघर, महाराष्ट्र।