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हरिद्वारः व्यापारी अब राजनीतिक दलों का पिछलग्गु नहीं बनेगाः व्यापार मण्डल

  • जो राजनीतिक दल व्यापारी को अपना प्रत्याशी बनायेगा उसका होगा समर्थन 
  • वरना व्यापारी विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी मैदान में उतारेगा 
 
vyapari

हरिद्वार (दैनिक हाक):  विधानसभा चुनाव में जो राजनीति पार्टी व्यापारी हित की बात करेगा और व्यापारी नीति आयोग का गठन और व्यापारी पर दर्ज मुकदमें वापस लेने का वादा करते हुए व्यापारी को अपना प्रत्याशी बनायेगा। व्यापारी भी उसी पार्टी को अपना समर्थन देगा। व्यापारी अब विधानसभा पहुंचकर अपने हितों की बात करना चाहता है। पिछले दो सालों से कोरोना काल में व्यापारी ने जो कुछ झेला हैं वह शब्दों में नहीं कहा जा सकता। अब तक जो भी राजनीति पार्टी ने प्रदेश में शासन किया हैं उसने व्यापारियों को छलने का काम किया है। यह बात तीन व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों प्रदेश व्यापार मण्डल प्रदेशाध्यक्ष संजीव चौधरी, महानगर व्यापार मण्डल अध्यक्ष सुनील सेठी और प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल अध्यक्ष मृदुल कौशिक ने संयुक्त रूप से प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकारों से रूबरू होतेे हुए कही। उन्होंने कहा कि तीर्थनगरी का व्यापारियों का कारोबार पूरी तरह यात्रियों व पयर्टकों पर ही निर्भर है। जबकि प्रदेश में सब से अधिक राजस्व व्यापारी प्रदेश को देता है। उसके बावजूद भी व्यापारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। लेकिन अब व्यापारी अपने हितों के लिए खुद चुनावी रण में उतरेगा। अगर किसी राजनीति दल ने व्यापारी को अपना प्रत्याशी नहीं बनाया तो मजबूर होकर व्यापारियों को अपना एक प्रत्याशी का चयन कर चुनावी मैदान में उतरेगा। 
उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान व्यापारी की स्थिति बेहद दयनीय हो गयी। लेकिन प्रदेश की सरकार ने व्यापारियों के लिए कोई राहत का काम नहीं किया। व्यापारियों का दो सालों के भीतर पूरा व्यापार चौपट हो गया। व्यापारियों को अपना घर चलाने के लिए भी सोचने के लिए मजबूर होना पड़ा। व्यापारियों ने बिजली का बिल व बच्चों की स्कूल फीस माफ करने की भी मांग की गयी। लेकिन व्यापारियों की मांगों को नजर अदांज कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियों ने व्यापारियों को केवल वोट बैंक के लिए इस्तेमाल किया है। लेकिन व्यापारी अब राजनीतिक दलों के बहकावे में नहीं आयेगा। कोरोना काल के दौरान जो भी सरकार द्वारा एसओपी लागू की जाती हैं उसमें व्यापारियों को पीसा जाता है। उनके प्रतिष्ठानों को बंद कराने या फिर तीर्थनगरी में आयोजित होने वाले मेलों पर प्रतिबंध कर व्यापारियों की कमर को तोडा जाता है। जबकि राजनीति दलों की रैलियों व कार्यक्रम पर कोरोना की मार नहीं पड़ती है। उन्होंने कहा कि शहर के अन्य व्यापार मण्डल पदाधिकारियों से भी वार्ता कर पूरी स्थिति से अवगत कराते हुए उनको भी अपने साथ लिया जाएगा। प्रेसवार्ता के दौरान सुमित आरोड़ा, आदेश मारवाडी, मंयक मूर्ति भट्ट दीपक गोनियाल आदि व्यापारी नेता मौजूद रहे।