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हरिद्वारः इस बार नहीं हुई गंगा की सफाई

 
ganga clean

कुमार दुष्यंत
हरिद्वार (दैनिक हाक):
 हरिद्वार में गंगनहर बंदी को लगभग दो सप्ताह हो गए हैं। 4 नवंबर की रात को गंगा में जल छोड़ दिया जाएगा। लेकिन इस बार अबतक कोई गंगाप्रेमी, भक्त या संस्थाएं गंगा सफाई को आगे नहीं आई, जिसके कारण गंगा में फंसी गंदगी जस की तस पड़ी हुई है।
हरिद्वार में दशहरे से दीपावली तक गंगनहर का वार्षिक क्लोजर रहता है। गंगा का जल सूखते ही गंगा में वर्षभर में जमा हुई कपड़ों की गंदगी, पालीथीन आदि भी दिखने लगते हैं। जिसकी साफ-सफाई के लिए प्रतिवर्ष इस दौरान अनेक सामाजिक संस्थाएं व संगठन गंगा में श्रमदान कर इस कचरे की सफाई करते हैं। जिसे बाद में निगम द्वारा घाटों से उठवा लिया जाता है। लेकिन इसबार गंगा बंदी का अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभीतक कोई संगठन या व्यक्ति साफ सफाई को गंगा में नहीं उतरा।
हरिद्वार में गंगा के नाम पर अनेक संगठन हैं। नमामि गंगे, स्पर्श गंगा, बीईंग भगीरथ जैसे संगठन जोरशोर से अपने कार्यों को प्रचारित करते हैं। गंगा घाटों पर अनेक संस्थाएं गंगा के नाम पर ही श्रद्धालुओं से दान वसूलती हैं। लेकिन इसबार गंगनहर बंदी में किसी का ध्यान गंगा की साफसफाई की तरफ नहीं गया। हरिद्वार की विभिन्न धार्मिक, सामाजिक संस्थाएं भी साफसफाई को आगे नहीं आई। हर वर्ष पुलिस व प्रशासन के विभिन्न विभाग भी आह्वान कर स्वच्छता के लिए गंगा में उतरते थे लेकिन इसबार किसी विभाग ने कोई आह्वान नहीं किया। यहां तक की विशुद्ध गंगा पर ही टिकी पुरोहितों की गंगासभा ने भी इस बार गंगा स्वच्छता को लेकर कोई पहल नहीं की। 4-5 नवंबर की रात्रि गंगनहर में जल छोड़ दिया जाएगा। इसलिए अब नहीं लगता की इसबार गंगा की साफसफाई हो सकेगी और गंगा में डूबे कपड़े, पालीथीन व कचरा वर्षभर गंगाजल को प्रदूषित करते रहेंगे।
कानपुर तक बहनेवाली गंगनहर में क्लोजिंग के दौरान रजवाहों, गूलों की मरम्मत व नहर पर अवस्थित पथरी, मोहम्मद पुर, चित्तौड़ा जलविद्युत गृहों में साफ-सफाई व नहर समतलीकरण के अनेक कार्य किये जाते हैं। इस दौरान होने वाले करोड़ों रुपए के इन कार्यों में फर्जीवाड़े व भ्रष्टाचार के आरोप भी लगते रहे हैं।

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इस बार हमारी पुरानी मांग पर सिंचाई विभाग द्वारा गंगा में पर्याप्त जल बनाए रखा गया है। गंगा में जिन स्थानों पर जल नहीं हैं वहां शीघ्र सफाई अभियान चलाया जाएगा।
                  -प्रदीप झा, अध्यक्ष; गंगासभा।
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गंगा में इस समय प्रचुर जल बह रहा है। जिसके कारण भागीरथी बिंदु से भारी मात्रा में जल हरकीपैड़ी की धारा में पहुंच रहा है। इसलिए इस धारा में अधिक जल का प्रवाह बना हुआ है।
            -शिवकुमार कौशिक, एसडीओ कैनाल