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हरिद्वार: सिडकुल की प्लास्टिक की फैक्ट्री में लगी आग, 20 करोड़ का अनुमानित नुकसान

 
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fire2दमकल विभाग की 20 से ज्यादा गाड़ियां मौके पर लेकिन बड़ी मुश्किल से 8 घंटे में आग पर काबू पाया
हरिद्वार (दैनिक हाक)
: कल सुबह जैसे ही लोग सोकर उठे और घरों से बाहर निकले तो हवा में तैरते घने काले धुंए को देखकर किसी आंशका से डर गए। चारो तरफ फोन की घंटियां बजने लगी। पता चला कि सिडकुल में राजा बिस्कुट के पास एक प्लास्टिक के पार्ट बनाने वाली ऑटोमोबाइल कंपनी रेपिड मॉड्यूलर में आग लग गई है। ये हादसा सुबह 5.30 से 6 बजे के बीच हुआ है। किसी ने फेक्ट्री मैनेजर सोम प्रसन्ना को सूचना दी तो वह रात्रि के कपड़ो में ही फैक्ट्री के लिए भागे। उन्होंने फायर विभाग को तुरंत सूचना दी। जल्दी ही फायर बिग्रेड की गाड़िया मौके पर पहुंच गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी नरेंद्र कुंवर भी मौके पर पहुंचे। एसपी सिटी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सीआईएसएफ से अतिरिक्त मदद मांगी। सभी अपना पूरा प्रयास कर रहे थे लेकिन बड़ी मुश्किल से शाम को 4 बजे के लगभग आग पर काबू पाया गया। तब तक पूरी कम्पनी राख में तब्दील हो चुकी थी।
प्लांट पहुंचे मैनेजर ने आग लगने के कारणों को जानना चाहा तो शार्ट सर्किट से आग लगने का कारण बताया गया। आपको बता दें कि रेपिड मॉड्यूलर की कंपनी में प्लास्टिक के पार्ट बनते हैं । प्लांट में लगभग 50 व्यक्ति दिन की शिफ्ट में था लगभग 20 व्यक्ति रात में काम करते हैं। आग बुझाने के सभी संयंत्र कम्पनी में मौजूद थे लेकिन तेज आग के सामने सभी फेल हो गए। सूत्रों की जानकारी के अनुसार प्लांट में लगभग 15 से 20 इंजक्सन मोल्डिंग की 100 टन से लगाकर 800 टन तक की मशीनें थीं जो जलकर राख हो गई हैं। कम्पनी में आग लगने के वक्त कच्चा प्लास्टिक रॉ मैटेरियल भी कई टन मौजूद था जिसका मूल्य 350 रुपए प्रति किगी था। वो भी जलकर राख हो गया है। इसके अलावा पैकिंग सामग्री जैसे मास्टर बॉक्स भी मौजूद थे वो सभी भी आग के सामने राख बन गए।
मौके पर पुलिस बल तैनात रहा ताकि अन्य कोई अप्रिय घटना न घट सके। हालांकि ये अच्छा रहा कि इतने बड़े हादसे में किसी की जान नही गई। घटना स्थल पर सिडकुल आर एम श्री जी एस रावत भी पहुंचे तथा उन्होंने घटना की जानकारी ली। कम्पनी में काम करने वाले 70 से 80 मजदूर बाहर खड़े होकर बदहवास अपनी कंपनी की हालत देख रहे थे लेकिन बेचारे क्या कर सकते थे हो सकता है कम्पनी के बर्बाद हो जाने से अपनी बेरोजगारी से भी दुखी हों। हालांकि कंपनी के दोनों डायरेक्टर की सब लोग तारीफ कर रहे थे कि कैसे मुसीबत में भी वो अपने वर्करों की मदद करते हैं।
कम्पनी के दोनांे डायरेक्टर अशोक कनेरिया तथा संजय जी को सुबह ही सूचना दे दी गई थी जो बैंगलोर में रहते हैं। वे वहां से 1ः10 मिनट पर फ्लाइट से चले तथा लगभग 5 बजे वो कम्पनी पहुंच गए। आप अंदाजा लगा सकते है कि जिसका सब कुछ जलकर राख हो गया हो उसके दिल पर क्या बीत रही होगी। दोनो ही मालिको के चेहरे उदास थे। उन्होंने मोटी मोटी जानकारी अपने मैनेजर से ली। इंश्योरेंस वाले को मुआयने के लिए फोन किया गया लेकिन अब शायद आज वो मुआयना करेंगे। खबर लिखे जाने तक मालिक भी उदास मन से अपने होटल चले गए लेकिन अभी तक भी कहीं कहीं धुआं उठता दिखाई दे रहा था। अभी किसी भी अधिकारी का इस मामले पर आधिकारिक बयान नहीं आया है।