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भारत को आदि शंकराचार्य, थिरुनावुक्कारासार जैसे कवि संतों का आशीर्वाद मिला: मोदी

भारत को आदि शंकराचार्य, थिरुनावुक्कारासार जैसे कवि संतों का आशीर्वाद मिला: मोदी

कोलकाता: शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर कोलकाता पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिलेनियम पार्क में हावड़ा ब्रिज के नाम से मशहूर रबीन्द्र सेतु के इंटरैक्टिव लाइट एंड साउंड शो का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हम सभी को स्वामी विवेकानंद जी की वो बात हमेशा याद रखनी है, जो उन्होंने मिशिगन यूनिवर्सिटी में कुछ लोगों से संवाद के दौरान कही थी, स्वामी विवेकानंद ने उन्हें कहा था- 'अभी वर्तमान सदी भले ही आपकी है, लेकिन 21वीं सदी भारत की होगी'।

मोदी ने कहा, ' भारत को आदि शंकराचार्य, थिरुनावुक्कारासार जैसे कवि संतों का आशीर्वाद मिला। अंदाल, अक्का महादेवी, भगवान बशवेश्वर, गुरु नानक देव जी द्वारा दिखाया गया मार्ग, आज भी हमें प्रेरणा देता है।'

उन्होंने कहा, 'गुरुदेव ने अपने एक लेख में एक बहुत महत्वपूर्ण उदाहरण भी दिया था आंधी और तूफान का। उन्होंने लिखा था कि चाहे जितना भी तूफान आए, उससे भी ज्यादा अहम होता है कि संकट के उस समय में, वहां के लोगों ने उस तूफान का सामना कैसे किया।'

नरेंद्र मोदी ने कहा, ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि अंग्रेजी शासन के दौरान और स्वतंत्रता के बाद भी देश का जो इतिहास लिखा गया, उसमें इतिहास के कुछ अहम पक्षों को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अभी हम सभी ईश्वर चंद्र विद्यासागर जी की 200वीं जन्मजयंती मना रहे हैं। इसी तरह 2022 में जब भारत की आज़ादी के 75 वर्ष होंगे, तब एक और सुखद संयोग बन रहा है। साल 2022 में महान समाज सुधारक और शिक्षाविद राजा राममोहन राय की 250वीं जन्मजयंती आने वाली है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, जब आजाद हिंद सरकार के 75 वर्ष पूरे हुए तो लाल किले में ध्वजारोहण का सौभाग्य मुझे खुद मिला। नेताजी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग भी बरसों से हो रही थी, जो अब पूरी हो चुकी है। पीएम मोदी ने कहा, केंद्र सरकार का ये प्रयास है कि भारत के सांस्कृतिक सामर्थ्य को दुनिया के सामने नए रंग-रूप में रखे, ताकि भारत दुनिया में हैरिटेज टूरिज्म का बड़ा सेंटर बनकर उभरे।

ज्ञात रहे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिन के दौरे पर कोलकाता पहुंचे हैं। वे ओल्ड करेंसी भवन में प्रदर्शनी और कला दीर्घाओं का उद्घाटन करेंगे। वे रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय बेलूर मठ जाएंगे।

ममता - मोदी की मुलाकात

इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को राजभवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब शहर भर में संशोधित नागरिकता कानून को लेकर प्रदर्शन जारी हैं। पीएम से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री को बताया कि हम सीएए, एनआरसी और एनपीआर का विरोध करते हैं। मैंने उनसे सीएए और एनआरसी वापस लेने का अनुरोध किया। साथ ही कुछ वित्तीय मांगों को लेकर भी प्रधानमंत्री मोदी से चर्चा हुई। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री के कोलकाता के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचने के कुछ ही समय बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही यह मुलाकात हुई।

यह बैठक तब हो रही है जब नया नागरिकता कानून प्रदेश में गतिरोध का नया बिंदु बनकर उभरा है। तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी जहां इसके कट्टर विरोध में हैं वहीं भाजपा इसे लागू करने के लिये दबाव बना रही है।


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