Home > राज्य > उत्तराखण्ड > राज्य सरकार के 100 दिन के कार्यकाल को बताया विफल

राज्य सरकार के 100 दिन के कार्यकाल को बताया विफल

 Agencies |  2017-06-26 08:30:19.0  0  Comments

राज्य सरकार के 100 दिन के कार्यकाल को बताया विफल

हरिद्वारः महानगर कांग्रेस कमेटी के महानगर संयोजक संजय अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में उत्तराखण्ड राज्य में भाजपा की सरकार के विफल हुए 100 दिन पूर्ण होने पर प्रेस वार्ता मंे जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखण्ड की गरीब जनता को लेकर सरकार की नीतियां जनविरोधी है सस्ते गल्ले के माध्यम मिलने वाले गेहूं चावल के दामों मंे दुगना वृद्धि कर गरीब आदमी के मुंह से निवाला छीना जा रहा है। कांगे्रस के शासन मंे गेहूं 4 रु0 किलो चावल 9 रुपये किलो मिलता था। लेकिन आज चावल गेहूं के दाम दुगने कर दिये गये है। गरीब जनता के साथ राज्य सरकार छलावा कर रही है। राज्य में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा राज्य खाद्य योजना की राशन की मात्रा में भी कमी कर दी गई है जिससे कई परिवारों के सामने भरण पोषण का संकट पैदा हो गया है। राज्य की भाजपा सरकार ने अपने 100 दिन के कार्यकाल में 2 बार बिजली के दाम पानी सीवर के दाम बढ़ाने के साथ-साथ अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं में कटौती कर जनता का उत्पीड़न किया जा रहा है।
पूर्व नगर पालिका चैयरमेन प्रदीप चैधरी ने कहा कि सरकार की विफलता जगजाहिर हो चुकी हैं। 100 दिन का कार्यकाल सरकार का विफलताओं भरा है प्रदेश मंे कानून नाम की कोई चीज नहीं है। लगातार अपराध बढ़ रहा है। खनन व आबकारी नीति को लेकर सरकार मुद्दों से भटक चुकी हैं। ब्लाॅक अध्यक्ष तरूण नैयर एवं सुनील सेठी ने संयुक्त रूप से कहा कि राज्य सरकार के 100 दिन निराशाजनक रहे। किसानों के हितों को लेकर सरकार सजग नहीं है। किसान आत्महत्यायें कर रहे हैं। लेकिन राज्य सरकार चुप्पी साध तमाशा देख रही है। राज्य सरकार की आबकारी नीति पूर्ण रूप से शराब माफियाओं के संरक्षण में चल रही है। अवैध शराब का कारोबार पूरे प्रदेश में चल रहा है। काग्रेसीे नेत्री पूनम भगत विमला पाण्डे ने सरकार के 100 दिन के कार्यकाल पर बोलते हुए कहा कि प्रदेश भर में महिला उत्पीड़न की घटनायें बढ़ रही है कानून नाम की चीज प्रदेश मंे दिखाई नहीं दे रही है। सरकारी मिशनरी का दुरूपयोग किया जा रहा है। विकास कार्य अवरुद्ध हो चुके हैं।
--हाक न्यूजलाईन

Tags:    
Share it
Top