Home > राज्य > उत्तराखण्ड > दो दिवसीय गुर्जर सम्मेलन सम्पन्न, विभिन्न मुद्दों पर रखे विचार

दो दिवसीय गुर्जर सम्मेलन सम्पन्न, विभिन्न मुद्दों पर रखे विचार

 Agencies |  2017-06-26 08:24:52.0  0  Comments

दो दिवसीय गुर्जर सम्मेलन सम्पन्न, विभिन्न मुद्दों पर रखे विचार

हरिद्वारः राष्ट्रीय गुर्जर महासभा का राष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन आज गुर्जर हिस्ट्री कांफ्रेस के दौरान इतिहास पर चर्चा के साथ गुर्जर समाज की समस्याओं व समाधान विषयों पर चर्चा के साथ सम्पन्न हुआ। देश में कई हिस्सों से पधारे इतिहासकारों ने गुर्जर समाज के देश के प्रति बलिदान पर चर्चा करते हुए गुर्जर समाज के देश के प्रति योगदान को सर्वोपरि बताया राजस्थान के जयपुर से पधारे इतिहासकार मोहनलाल वर्मा ने राजस्थान के बलिदान की गाथा पर चर्चा में कहा कि गुर्जर समाज से चित्तौड़ के राजवंश की रक्षा करने के लिये गुर्जरी माता पन्नाधाय ने अपने बेटे चन्दन का बलिदान देकर देश में बलिदान की गाथा में उदाहरण पेश किया।
मेरठ में पधारे इतिहासकार अशोक चैधरी ने कहा कि 10 मई 1857 की क्रान्ति जो मेरठ से शुरू हुई उसमें विशेष योगदान धन सिंह कोतवाल गुर्जर का रहा जिन्होंने मेरठ के जेल का फाटक खोलकर तमाम हिन्दुस्तानी वीरों को आजाद कर दिया था तथा खुद फांसी पर चढ़ गये थे ग्वालियर मध्य प्रदेश से पधारे इतिहासकार डाॅ0 रणवीर सिंह एडवोकेट ने विजय सिंह पथिक जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ सबसे बड़े किसान आन्दोलन को चलाया जिसका नाम बिजौलिया किसान आन्दोलन पड़ा पर प्रकाश डाला सहारनपुर से पधारे शेषराज पंवार ने कुन्जा बहादरपुर के राजा अमर शहीद राजा विजय सिंह की गाथा बताई तथा रूद्रपुर से पधारे इतिहासकार डाॅ0 सुशील भाटी ने गुर्जर समाज के महान योद्धा, सरदार पटेल, राजेश पायलट, तथा योगराज पंवार पर चर्चा करते हुए कहा कि तैमूर लंग ने जब भारत पर चढ़ाई कि तो सर्वखाप पंचायत ने सहारनपुर में बैठकर उससे लड़ने के लिये योगराज पंवार का सेनापति बनाया जिनका वजन 64 घंड़ी था। तथा उनकी खुराख एक टाईम में 20 सेर थी उन्होंने तैमूर लंग के गले में पांच सूत की सरिया का तोक बनाकर डाल दिया जिससे भयभीत होकर तैमूर लंग वापिस भाग गया। शिवपुरी मध्य प्रदेश से पधारे गुर्जर निर्देशक पत्रिका के सम्पादक जगदीश चपराणा ने कहा कि गुर्जर समाज का इतिहास तमाम कुर्बानियों से भरा पड़ा है। हिस्ट्री पर अन्य कई वक्ताओं ने भी प्रकाश डाला। सम्मेलन के दूसरे सत्र में गुर्जर समाज की समस्याओं पर ध्यान आर्कषित करते हुए वक्ताओं ने जिसमें अशोक पाटिल गुजरात देवीलाल सेतूर (इन्दौर) (मध्य प्रदेश) चै0 भाग सिंह गुर्जर नवा शहर (पंजाब) सुनील पाटिल (महाराष्ट्र) कमल पटेल गाडरवाड़ा (मध्य प्रदेश) तथा नजर हुसैन गुर्जर (जम्मू कश्मीर) ने गुर्जर समाज को अपने सम्बोधन में कहा कि गुर्जर एक मेहनतकश ईमानदार व बहादुर कौन है। बार्डर की रक्षा आज भी जम्मू कश्मीर में गुर्जर ही कर रहे है गुर्जर मिट सकता है लेकिन वतन से गद्दारी नहीं कर सकता वक्ताओं ने कहा कि गुर्जर जाति नहीं एक समुदाय है जिसमें हिन्दू मुस्लिम सिख, ईसाई, जैन आदि धर्मो को मानने वाले लोग हैं। सम्मेलन में अनेकों समाज सेवियों ने बच्चू सिंह गुर्जर, प्रदीप गुर्जर (छत्तीसगढ़), चै0 विश्वेन्द्र गुर्जर (हैदराबाद आंध्र प्रदेश) मलखान सिंह गुर्जर व गजेन्द्र गुर्जर दिल्ली देवराज गुर्जर, बद्दी हिमाचल प्रदेश विजेन्द्र कसाना एडवोकेट (सुप्रीम कोर्ट) कैलाश प्रधान, राम सिंह प्रधान राजपाल नेता जी, नरेश गुर्जर, मोहन सिंह, भंवर सिंह प्रधान, रामबाबू गुर्जर कैप्टन निर्भय सिंह, बाबूराम पंवार, सुनील पाटिल महाराष्ट्र, प्रदीप गुर्जर छत्तीसगढ़, महेन्द्र सिंह नागर झांसी, शमशेर अली भडाना हरिद्वार, यतीन्द्र कटारिया प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश, रामेन्द्र पटेल, सुखराम सिंह बडोदरा गुजरात, भोपाजी पारसमल गुर्जर बैंगलोर, प्रदेश अध्यक्ष कनार्टका, गजेन्द्र सिंह प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली, नवल गुर्जर जलगांव महाराष्ट्र, विजय गुर्जर, सिरपुर महाराष्ट्र, के0के0 भडाना, पी0सी0एस0, गिरिराज गुर्जर ग्वालियर, कन्हैयालाल गुर्जर प्रदेश अध्यक्ष राजस्थान, जगदीश चपराणा शिवपुरी मध्य प्रदेश, कैप्टन निर्भय सिंह गुर्जर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, ओ0पी0 रावत, राष्ट्रीय सचिव आदि अनेकों संगठन के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
--हाक न्यूजलाईन

Tags:    
Share it
Top