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गंगा व यमुना को जीवित व्यक्ति का अधिकार व दर्जाः क्या सोचते हैं सीए प्रशिक्षु?

 Agencies |  2017-06-14 08:23:32.0  0  Comments

गंगा व यमुना को जीवित व्यक्ति का अधिकार व दर्जाः क्या सोचते हैं सीए प्रशिक्षु?

हरिद्वारः अब गंगा व यमुना को जीवित व्यक्ति का अधिकार व दर्जा दिया गया है। गोमुख से निकल कर ऋषिकेश, हरिद्वार, कानपुर, इलाहाबाद ,वाराणसी, साहिबगंज, भागलपुर से होती हुई गंगा सागर तक पहुँचने वाली माँ गंगा पर भारत की 40 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष रूप से निर्भर है यानी लगभग 50 करोड़ लोगों को हमारे देश में गंगा की वजह से रोजगार मिला हुआ है। भारत देश अपने धर्म, आस्था व संस्कृति के लिए जाना जाता है लेकिन ज्यादातर लोग माँ गंगा के तट पर सिर्फ अपने पापों को धोने आते हैं लेकिन माँ रूपी इस धरोहर को स्वच्छ रखने व सम्भाल के रखने का प्रयास नहीं करते। अब गंगा माँ को सहेज के रखने की जिम्मेदारी किसी एक बेटे की नहीं बल्कि माँ की शरण में आने वाले हर बेटे या बेटी की होगी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सीए प्रोफेशन में पजींकृत छात्र छात्राएं हिमांशु, शुभम धीमान, चंचल त्यागी, मनु सिंह, कु अनन्या, सोनल नरेंद्र कुमार, श्रुति एवं प्रखर भी अपनी भूमिका निभाने के लिए तत्पर हैं। आज सी ए के ओरियंटेशन कोर्स हरिद्वार चैप्टर में इस ज्वलंत मुद्दे पर सामूहिक रूप से चर्चा की गई जिसमें मुख्य रूप से निम्न बिन्दुओं पर सहमति जताई गयी। हरिद्वार सहित सम्पूर्ण उत्तराखण्ड राज्य में प्लास्टिक एवं पालीथिन बैग पर प्रभावी रोक लगाई जाए। गंगा के घाटों पर पर्याप्त मात्रा में डस्टबिन रखी जाए तथा इसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। गंगा में गिर रहे नालों एवं सीवरेज लाइनों को टेप किया जाये। तथा सीवरेज पमंपिग स्टेशनों की क्षमता में वृद्धि की जाये। उघोगो को भी इन्डस्टट्रियल वेस्ट एवं प्रदूषण नियंत्रण की स्वयं इकाई आधार पर व्यवस्था करनी होगी जिससे उनकी अवशोषित प्रदूषण गंगा में नहीं मिले। इस अवसर पर प्रशिक्षु सी ए के छात्रों ने उघोगो के कार्पोरेट सामाजिक दायित्व को नमामि गंगे प्रोजेक्ट से जोड़ने की वकालत की। प्रत्येक स्कूल कालेज में अध्यापकों के द्वारा छात्र छात्राओं को साथ लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। गणेशोत्सव एवं मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अलग से गंगा के किनारे एक विसर्जन स्थल बनाया जाना चाहिए तथा इन प्रतिमाओं के निर्माण में पर्यावरण के अनुकूल सामग्रियों को प्रयुक्त किया जाना चाहिए।।
इस अवसर पर प्रशिक्षु सीए छात्रा छात्राओं ने सुझाव दिया कि उधोगो को प्रदूषण नियंत्रण एवं जल निस्तारण के लिए सीए प्रोफेशनल्स की स्वच्छ आख्या को आवश्यक कर दिया जाना चाहिए। तथा इस सन्दर्भ में सीए की आख्या का अधिमान निश्चित किया जाना चाहिए। इस अवसर पर रिसोर्स प्रर्सन डॉ सुनील कुमार बत्रा वाणिज्य विभागाध्यक्ष एस एम जे एन पी जी कॉलेज हरिद्वार ने कहा कि खनन का मुद्दा भी गंगा मैया की निर्मलता एवं अविरलता से जुड़ा हुआ है। बड़ी बड़ी मशीनों के द्वारा गंगा के तटीय इलाकों से बड़ी मात्रा में खनिज पदार्थो का विदोहन किया जा रहा है जबकि खनिज पदार्थो का चुगान से जहाँ गंगा के तट सुरक्षित रहेंगे वही आवश्यकता के अनुरूप चुगान से मानवकृत रोजगार के अवसर बढ़ेगे। डॉ सुनील कुमार बत्रा ने आगामी कांवड़ मेले में भाग लेने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं एवं शिव भक्तों से पुरानी कांवड़ो को गंगा स्नान कराने के बाद गंगा में विसर्जित नहीं करने के लिए समस्त पुरोहित समाज से अपील की है।
--हाक न्यूजलाईन

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