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केदारनाथ में उतरा भारतीय वायुसेना का मालवाहक हेलीकॉप्‍टर चिनूक

एमआई-17 केदारनाथ धाम में सामान सहित उतरते समय 14 अप्रैल 2018 को क्रैश हुआ था


रुद्रप्रयाग (दैनिक हाक):
भारतीय वायु सेना के हेलीकाप्टर चिनूक ने 8 बजकर 40 मिनट पर केदरनाथ धाम में स्थित हेलीपैड पर सफलता पूर्वक पहली बार लेंडिंग की। तथा पूर्व में हुए दुर्घटनाग्रस्त एमआई 17 के मलबे को लेकर 10 बजकर 34 मिनट पर केदारनाथ धाम से गौचर हवाई पटी के लिए रवाना हो गया। केदारनाथ में आजकल पुनर्निर्माण का काम भी तीव्र गति से चल रहा हैं, जिसके लिए भारी मशीनों की जरुरत हैं, जिसे देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने वायु सेना से सहायता मांगी थी। जिसके बाद वायु सेना की टीम ने हाल ही में तैयार किए गए हेलीपैड का निरीक्षण किया था। आज आख़िरकार वायु सेना का मालवाहक हेलीकाप्टर चिनूक जो 11 टन तक भारी सामान ले जाने में सक्षम हैं ने केदारनाथ में सफलता पूर्वक लैंडिंग की। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय ने जानकारी देते हुए बताया कि वायु सेना का मालवाहक हेलीकाप्टर चिनूक केदारनाथ धाम से अपने साथ 2018 में दुर्घटनाग्रस्त हुए एमआई 17 के मलबे को ले गया। यहां से इस मलबे को दिल्ली ले जाया जा रहा है। जिला आपदा प्रबंधन द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि एमआई-17 केदारनाथ में 2018 में क्रैश हो गया था जो 14 अप्रैल 2018 को गुप्तकाशी से सामान लेकर केदारनाथ आ रहा था कि केदारनाथ धाम में सामान सहित उतरते वक्त वायुसेना का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था। हेलिकॉप्टर में छह लोग सवार थे वह सभी सुरक्षित बच गए थे।

राज्य के मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने हाल ही में केदारनाथ में व्यवस्थाओं का जायजा लिया था और डीडीएमए को दस दिन के भीतर हेलीपैड तैयार करने के निर्देश दिए थे। जिस कारण गढ़वाल मंडल विकास निगम के 45 कॉटेज को तोडना पड़ा था , जिस कारण तीर्थ यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा था , यहाँ तक कि भगवान शिव के भक्तो को रात खुले आसमान के नीचे काटनी पडी थी।

गौरतलब हैं कि केदारनाथ आपदा कि बाद 2015 में धाम में एमआइ-26 हेलीकॉप्टर को उतारने के लिए हेलीपैड बनाया गया था , जिसका अब विस्तार किया गया हैं । हेलीपैड के लिए 100 लम्बा व 50 मीटर चौड़ा प्लेटफार्म तैयार किया गया है।

Updated : 2020-10-17T16:37:43+05:30
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