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आपदा प्रबन्धन जन-जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया

 Agencies |  2017-06-17 08:23:03.0  0  Comments

आपदा प्रबन्धन जन-जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया

हरिद्वारः आज दिनांक 16.06.2017 को आपदा प्रबन्धन विभाग द्वारा ''आपदा न्यूनीकरण एवं आपदा जागरूकता दिवस'' के उपलक्ष्य में जिला कलक्ट्रेट सभागार, रोशनाबाद में पुलिस, जेल पुलिस, होमगार्ड एवं पी0आर0डी0 स्वयंसेवकों हेतु एक दिवसीय आपदा प्रबन्धन जन-जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम उपस्थित दीपेन्द्र सिंह नेगी प्रभारी अधिकारी (आपदा), गौतम कुमार, जिला कमाण्डेन्ट होमगार्ड, राजेन्द्र सिंह खाती, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, दानीराम अग्निशमन अधिकारी सहित पुलिस कार्मिक, होमगार्ड, पी0आरडी0 स्वयंसेवक तथा जेल पुलिस जवानों को अवगत कराते हुए बताया कि बताया कि दिनांक 16 जून, 2013 को राज्य में आयी भीषण आपदा के दृष्टिगत प्राकृतिक घटनाओं के प्रति जनसाधारण में संवेदनशीलता के विकास, आपदा जोखिम के प्रति जागरूकता बनाये रखने एवं आपदा के दुष्प्रभावों को न्यून किये जाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 16 जून को ''आपदा न्यूनीकरण एवं आपदा जागरूकता दिवस'' के रूप में मनाये जाने का निर्णय शासन द्वारा लिया गया, इसी उद्देश्य से हम सब आज यहां एकत्रित हुए है। उन्होने आपदा का परिदृश्य जनपद में पूर्व में घटित आपदाओं के अनुभवों से सीख लेते हुए आपदा न्यूनीकरण व प्रबन्धन, विकास व आपदा के कारणों पर चर्चा करते हुए प्रत्येक व्यक्ति को आपदा के सम्बन्ध में जागरूक संवेदनशील व प्रशिक्षित होना आवश्यक बताया एवं फस्ट रिस्पोंण्डर के रूप में स्थानीय व्यक्ति ही सर्वप्रथम आपदा में लोगों की मद्द व जीवन रक्षा कर मानव सेवा के पुनीत कार्य में भागीदार हो सकता है, साथ ही आपदा के तीनों चरणों के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी।
प्रशिक्षण में जिला कमाण्डेन्ट होमगार्ड श्री गौतम कुमार ने बताया कि होमगार्ड व पी0आर0डी0 स्वयंसेवक स्थानीय परिवेश से भलिभांति परिचित होते हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरान्त वे आपदा प्रबन्धन के क्षेत्र में अपना सहयोग प्रदान कर सकते है। भविष्य में इस प्रकार के प्रशिक्षण समय-समय पर आयोजित किया जाना आवश्यक है। अग्निशमन अधिकारी श्री दानीराम द्वारा विभिन्न प्रकार की आग व आग लगने के कारण व आग से बचाव के बारे में विस्त्त जानकारी दी गयी। जिसके तहत् ठोस, द्रव्य, गैस, धातु, व विद्युत आग तथा वनाग्नि से बचाव के बारे में जानकारी दी गयी।
एस0 डी0 आर0एफ0 के प्रशिक्षिकों द्वारा प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार से रैपलिंग यूजर्स मैथर्ड, जुमारिंग, ऐंकर बेस बनाना, जेट पुली आदि बनाने की प्रयोगात्मक जानकारी दी गयी तथा खोज-बचाव कार्यो के दौरान घायल व्यक्ति तक पहुॅचने के लिए एंेकर बेस बनाने हेतु किन-किन गाठों (युक्तियों) का उपयोग किस प्रकार व किस समय किया जाता है उसके सम्बन्ध में प्रयोगात्मक जानकारी प्रतिभागियों को दी । इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न प्रकार की गांठो जैसे-थम नोट, सीट बैण्ड, रीफ नोट, फीगर आॅफ एट, क्लो हिच, बो लाईन आॅन द बाइट, फीसर मैन नोट, मसाड़ नोट के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए उसका प्रयोगात्मक अभ्यास भी कराया गया।
सभी प्रतिभागियों को कलक्ट्रेट भवन परिसर पर प्राकृतिक एंकर (पत्थर, चैक स्टोन, कैप स्टोन, पेड़ आदि) कृत्रिम एंकर (राॅक पिटोन, डन्डे, थ्री विकेट,) आदि के एंेकर बनाना एवं ब्लेइंग करने के प्रयोगात्मक विधियो के बारे में विधिवत जानकारी दी गयी तथा प्रयोगात्मक अभ्यास भी कराया गया । मुख्य प्रशिक्षकांे ने बताया कि ब्ले दो प्रकार से किया जाता है (1) मैकेनिकल ब्ले (उपकरणो के माध्यम से) एवं (2) बाॅडी ब्ले (अपने शरीर के माध्यम से)। इसके साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को डिसेण्डर एवं कैराबिनर की मदद से बेस बांधना एवं रंेपलिग एवं जुमारिग कजुएल्टी कैरिंग का प्रयोगात्मक अभ्यास करवा कर जानकारी दी गयी ।
उन्होंने घायल व्यक्ति को रिकवरी पाजीशन में रखते तथा घायलों को स्वास्थ्य केन्द्र तक ले जाने हेतु विभिन्न वैकल्पिक उपायों यथा-टू हैन्ड शैक, फोर हैन्ड शैक, पिक-ए बैग, फायरमेन लिफ्ट साथ ही बोरे, कम्बल, जैकेट, टी-सर्ट आदि उपलब्ध संसाधनों के स्टैªेचर तैयार करने की विधियों के बारे में भी जानकारी दी गयी । इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को प्राथमिक चिकित्सा के तहत कृत्रिम श्वसन, हड्डी टूटन, रक्तस्राव आदि के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी गयी । समापन सत्र में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डा0 ललित नारायण मिश्र ने प्रतिभागियों को आपदा प्रबन्धन में अपनी क्षमता और अधिक बढ़ाते हुए स्वतः स्फूर्त होकर कार्य करने का आहवान किया गया तथा भविष्य में इस प्रकार के प्रशिक्षणों का आयोजन किया जायेगा। उन्होेंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का का फीडबैक प्राप्त किया तथा आपदा प्रबन्धन की ओर से जवानों को शीघ्र ही खोज-बचाव उपकरण उपलब्ध कराये जायेंगे।
अन्त में आपदा प्रबन्धन अधिकारी द्वारा एस0डी0आर0एफ0 के प्रशिक्षक टीम सदस्य है0का0 हर्षवर्धन सिंह कण्डारी, हे0का0 हेमन्त डंुगरियाल, का0 आशीक अली, का0 किशोर कुमार, का0 चन्दन सिंह, का0 बलीराम शर्मा, पंकज रावत सहित उपस्थित अधिकारीगण एवं समस्त प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया। प्रशिक्षण में पुलिस, होमगार्ड, पी0आर0डी0 एवं जेल पुलिस सहित कुल 218 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
--हाक न्यूजलाईन

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