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भाइयों की कलाई पर इस बार सजेगी पाइन नीडल और कुशा से बनी राखियां

भाइयों की कलाई पर इस बार सजेगी पाइन नीडल और कुशा से बनी राखियां

15 से 20 कीमत है एक राखी की

सोलन (दैनिक हाक): सोलन जिला में इस बार रक्षा बंधन का त्यौहार खास होगा, क्योंकि भाइयों की कलाइयों पर इस मर्तबा बहनें पाइन नीडल (चीड़ की पत्ती) और कुशा से बनी राखियां बांधेंगी। सोलन जिला के कंडाघाट में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत महिलाओं को चीड़ की पत्तियों से राखी बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इसके तहत महिलाओं ने कम दाम में इको फैंडली राखियां तैयार की है। इन खास तरह की राखियों को बेचने के लिए, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) महिलाओं को स्टाल भी मुहैया करवा रहा है ताकि महिलाओं द्वारा तैयार की गई राखियों को सोलन शहर की बहनें आसानी से खरीद सकें। लिहाजा प्रशासन ने सभी बहनों से इस बार इन विशेष राखियों को खरीदने की अपील की है।

जिला में नई पहल की गई है. आत्मनिर्भर जिला की दिशा राखियां तैयार कर प्रशासन ने पहला कदम बढ़ाया है. इन राखियों की प्रदर्शनी एवं बिक्री स्टाल लगाया जाएगा।

जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ने चीड़ की पत्तियों से उत्पाद तैयार करने की नई पहल की है। इसके तहत चीड़ की चीड़ की पत्तियों से पैन स्टैंड, गुल्लक, चपाती बॉक्स समेत अन्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं। राखी का त्यौहार होने और बाजार में स्वदेशी उत्पाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चीड़ की पत्तियों और कुशा से राखियां तैयार की गई। इससे जहां महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी, वहीं बहनों को इको फैंडली राखियां भी मिलेगी। साथ ही विश्वव्यापी महामारी करोना में लोगों को लोकल राखियां मिलेगी।

इन राखियों की प्रदर्शनी व बिक्री स्टाल लगाया जाएगा. लिहाजा प्रशासन ने सभी महिलाओं से इस बार विशेष राखियां खरीदने की अपील की है। पहली बार तैयार की गई इन राखियों की खास बात यह है कि चीड़ के पत्तों को डेकोरेट करके उनमें सरसों के बीज लगाए गए हैं. लिहाजा जब भी राखी को निकाला जाएगा, तो जिस स्थान पर बीज गिरेंगे उस स्थान पर सरसों उग सकती है।

सोशल एजूकेशन एंड बलॉक प्लानिंग ऑफिसर मंजूला कंवर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्म निर्भर अभियान वोकल फॉर लोकल को लेकर जिला प्रशासन ने नेशनल रूरल लिवली हुड मिशन (एनआरएलएम)यह प्रयास किया है। इसके तहत सोलन जिला के पांच ब्लॉक की स्वयं सहायता समूह की ओर से इस बार राखियां तैयार की गई हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं के लिए रोजगार के द्वार खोलना है। उन्होंने बताया कि पहली बार होम मेड राखी तैयार की गई है। इसके अलावा अन्य घरेलू उत्पादों को भी सेल के लिए रखा जाएगा। मंजूला कंवर ने सभी से अपील करते हुए कहा कि इस बार तैयार की गई राखियों को लेकर महिलाओं का हौसला बढ़ाएं और इस बार इन्हीं को खरीदें।

कंडाघाट की सिरीनगर पंचायत में राखियों का प्रशिक्षण देने वाली अनिता ठाकुर ने बताया कि बाजार में बिकने वाली राखियों से चीड़ की पत्ती व पवित्र कुशा की राखियां बेहतर हैं। इससे जहां पर्यावरण संरक्षित होगा, वहीं, आय का साधन भी खुलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर अभियान से प्रेरणा लेते हुए सोलन जिला की महिलाओं यह प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि सोलन के पुराने डी सी ऑफिस के पास जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के माध्यम से स्टॉल लगाया गया। यहां लोगों का पहले ही दिन अच्छा रिस्पॉन्स मिला। उन्होंने बताया कि उनकी रखी 15 से 20 रुपए की है।

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