Home > मुख्य समाचार > कपिल मिश्रा केजरीवाल मंत्रिमंडल से हटाये गये, दो नये मंत्री किए जाएंगे शामिल

कपिल मिश्रा केजरीवाल मंत्रिमंडल से हटाये गये, दो नये मंत्री किए जाएंगे शामिल

 Agencies |  2017-05-07 07:04:18.0  0  Comments

कपिल मिश्रा केजरीवाल मंत्रिमंडल से हटाये गये, दो नये मंत्री किए जाएंगे शामिल

नयी दिल्ली : दिल्ली के जल एवं पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा काे अरविंद केजरीवाल मंत्रिमंडल से हटाने की आज देर रात घोषणा की गयी। इसके साथ ही श्री मिश्रा के स्थान पर श्री कैलाश गहलोत को मंत्री बनाने और श्री राजेन्द्र गौतम को भी मंत्रिमंडल में जगह देने का एलान किया गया। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्विटर पर कहा कि श्री मिश्रा को दिल्ली में जल प्रबंधन में पर्याप्त सुधार न होने के कारण म मंत्री पद से हटाया गया है। उन्होंने कहा कि श्री मिश्रा ने काफी कोशिश की लेकिन वह जल प्रबंधन को बेहतर कर पाने में असफल रहे। श्री केजरीवाल ने श्री मिश्रा को मंत्रिमंडल से हटाये जाने की ट्विटर पर पुष्टि की। उन्होंने श्री गहलोत और श्री गौतम को मंत्री बनाये जाने की भी जानकारी दी। श्री मिश्रा को मंत्री पद से हटाये जाने के साथ ही आम आदमी पार्टी(आप) में एक नया विवाद शुरू हो गया है। श्री मिश्रा ने कहा कि उन्हें मंत्री पद से हटाये जाने की जानकारी नहीं दी गयी। वह आज सुबह श्री केजरीवाल से मिले थे और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उनसे चर्चा की थी। श्री मिश्रा ने कहा कि उन्होंने श्री केजरीवाल से कहा था कि वह भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के नाम बताएंगे। वह कल उन नामों का खुलासा करेंगे जो उन्होंने श्री केजरीवाल को बतायें हैं। उन्होंने कहा कि वह केजरीवाल मंत्रिमंडल में अकेले ऐसे मंत्री हैं जिनके विरूद्ध भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है और उनके खिलाफ केन्द्रीय जांच ब्यूरो भी कोई जांच नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह भ्रष्टाचार के विरूद्ध अपना अभियान जारी रखेंगे। वह भ्रष्टाचार की सफाई के लिए 'झाड़ू' चलाते रहेंगे। वह पार्टी में बने रहेंगे,उन्हें आप से कोई नहीं हटा सकता। उधर, आप के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास ने ट्वीट कर कहा,मैं देश और कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाता हूं कि हम भ्रष्टाचार के खिलाफ अंदर और बाहर आवाज उठाना जारी रखेंगे,परिणाम चाहे कुछ भी हो।" श्री मिश्रा को श्री विश्वास का करीबी माना जाता है। गौरतलब है कि श्री विश्वास ने दिल्ली नगर निगमों के चुनावों में आप की करारी हार के बाद पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए सार्वजनिक रूप से अपनी नाखुशी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि पंजाब और दिल्ली में आप की हार के लिए ईवीएम को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। पार्टी को आत्मावलोकन की जरूरत है। इसके बाद आप के विधायक अमानतुल्ला ने श्री विश्वास को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी का एजेंट करार दिया था। इस पर श्री विश्वास ने कड़ी आपत्ति जतायी थी। इसके बाद श्री अमानतुल्ला को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था।
--वार्ता

Tags:    
Share it
Top