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यूपी चुनाव के दौरान पीएम के बयान जो सुर्खियों में बने रहे

 Agencies |  2017-03-07 17:28:53.0  0  Comments

यूपी चुनाव के दौरान पीएम के बयान जो सुर्खियों में बने रहे

नई दिल्ली: यूपी विधानसभा का चुनाव सिर्फ एक राज्य का चुनाव नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर इसका प्रभाव माना जाता है। मतदाताओं तक अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सियासतदानों ने बयानों के जमकर तीर चलाए। राजनीति के धुरंधरों के तरकश से बयानों के जो तीर निकले उससे मतदाता किस हद तक प्रभावित हुए होंगे उसका फैसला 11 मार्च को आएगा। लेकिन राजनीति पर रिसर्च करने वालों के लिए बहुत से टॉपिक मिल गए। इन सबके बीच पीएम ने अपने चिरपरिचित अंदाज में विरोधी दलों पर निशाना साधा। चुनाव प्रचार की शुरुआत में पीएम ने मेरठ की रैली में चुटीले अंदाज में विरोधी दलों पर निशाना साधा। पीएम ने स्ष्ट्ररू का नया अर्थ बताया। उन्होंने कहा था कि भाजपा ने स्कैम के खिलाफ लड़ाई लडऩे की ठान रखी है। स् से समाजवादी, ष्ट से कांग्रेस, ्र से अखिलेश और रू से मायावती.' पीएम के भाषण के बाद अखिलेश यादव, राहुल गांधी, मायावती, डिंपल यादव अपने-अपने हिसाब से स्ष्ट्ररू की परिभाषा गढ़ते देखे गए। अखिलेश यादव और मायावती लगातार अपने भाषणों में पीएम मोदी और अमित शाह को बाहरी बता रहे थे. इसके जवाब में पीएम मोदी ने हरदोई की रैली में कहा कि मैं यूपी से सांसद बना और यहां पर मिली जीत से देश को स्थाई सरकार मिली और गरीब मां का बेटा पीएम बना। उन्होंने कहा कि यूपी ने मुझे गोद लिया है. यूपी मेरा माईबाप है। मैं माईबाप को नहीं छोडूंगा, मैं भले ही गोद लिया हूं, लेकिन यूपी की मुझे चिंता है। यहां की स्थिति बदलना मेरा कर्तव्य है।

इस कर्तव्य को निभाने के लिए मुझे लोगों का आशीर्वाद चाहिए।.लेकिन विरोधी दल कहते रहे कि पीएम जिस जगह जाते हैं, वहीं से खुद का नाता जोड़ लेते हैं। प्रधानमंत्री ने समाजवादी सरकार पर धर्म और जाति के आधार पर विकास करने का आरोप लगा रहे थे. फतेहपुर की रैली में पीएम ने कहा, 'रमजान में बिजली आती है तो दिवाली में भी आनी चाहिए, भेदभाव नहीं होना चाहिए। यदि कब्रिस्तान है तो श्मशान भी होना चाहिए. ईद और होली दोनों के मौके पर बिजली आनी चाहिए।किसी भी सूरत में भेदभाव नहीं होना चाहिए । पीएम मोदी के इन शब्दों के बाद ट्विटर और फेसबुक पर जहां कुछ लोग उन्हें सही साबित करने में लगे रहे तो कई पीएम को वोट के लिए इस तरह का बयान देने से बचने की सलाह देते दिखे। पीएम ने मऊ की रैली में बसपा के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि यहां बाहुबलियों को टिकट भी दी जाती है। बाहुबली मुस्कुराते हुए जेल जाता है।अपराधियों को जेल में सारा सुख, वैभव और जेल से अपना गिरोह चलाने के बावजूद उन्हें सुरक्षा मिल जाती है। पीएम ने फिल्म 'बाहुबली' का जिक्र करते हुए कहा कि, एक वो कटप्पा था जिसने बाहुबली का सब खत्म कर दिया था। रैली के दौरान मंच पर छड़ी लिए खड़े शख्स की तरफ इशारा करते हुए कहा कि ये छड़ी वही कटप्पा है जो सभी बाहुबलियों को खत्म करेगा।बाहुबलियों के लिए ये कानून का डंडा है। चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में पीएम मोदी ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस ने राजनीति के रंग को बदल दिया है। 'कुछ का साथ, कुछ का विकास' ही उनका एकमात्र मकसद है, जबकि लोकतंत्र में 'सबका विकास और सबका साथ' दोनों ही जरूरी हैं और भाजपा इसी मूलमंत्र को लेकर चल रही है।

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