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रिटायर्ड कर्नल व नेशनल शूटर के घर से विदेशी हथियारों सहित पशुओं की खाल, मांस बरामद

 Agencies |  2017-04-30 18:43:00.0  0  Comments

रिटायर्ड कर्नल व नेशनल शूटर के घर से विदेशी हथियारों सहित पशुओं की खाल, मांस बरामद

मेरठः सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बंगला नम्बर 36/4 में एक नेशनल शूटर व रिटायर्ड कर्नल के घर शनिवार दोपहर को मारे गए छापे के दौरान डीआरआई (डायरेक्ट्रेट ऑफ रिवन्यू इंटेलीजेंस) और वन विभाग की टीम ने भारी मात्रा में अवैध असलाह, कारतूस व जानवरों का मांस, उनकी खालें बरामद की। वहीं पुलिस चार लोगों को हिरासत में लेने का दावा कर रही है, वहीं मुख्य आरोपी नेशनल शूटर अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीम जुट गई है।
शनिवार को मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रिटायर्ड कर्नल और नेशनल शूटर के घर डीआरआई की टीम द्वारा मारे गए छापे में हुई बरामदगी से जहां अधिकारियों की आंखे फटी रह गई हैं, वहीं जिले के कई नामचीनों में हड़कंप मचा हुआ है। डीआरआई द्वारा जारी प्रेेस नोट के अनुसार आरोपी के घर से सौ से अधिक विदेशी हथियार और दो लाख कारतूस सहित भारी मा़त्रा में संरक्षित वन्य जीवों के अवशेष और मांस बरामद हुआ है। इस पूरे मामले का खुलासा दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिए अर्न्तराष्ट्रीय हथियार सप्लायर की गिरफ्तारी के बाद हुआ। छापे में मिले वन्य जीवों के मांस के तार शहर के कई नामचीन होटलों और स्लॉटर हाउस संचालको से जुड़े बताए जा रहे है। ऐसे में अब अपनी गर्दन फंसती देख शहर के कई होटल संचालक और स्लॉटर हाउस के संचालकों में हड़कंप मचा है और वह भूमिगत हो गए हैं।
बतादे कि शनिवार को यूपी के डीजीपी से अनुमति लेने के बाद दिल्ली की डीआरआई टीम के अधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में टीम ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ सिविल लाइन क्षेत्र की कोठी नंबर 36/4 में छापा मारा था। यह कोठी सेना के रिटायर्ड कर्नल देवेन्द्र विश्नोई की है। कर्नल का पुत्र प्रशांत विश्नोई नेशनल शूटर है और करीब 5 सौ नील गायों का शिकार करने के मामले में चर्चित रह चुका है। छापे के दौरान कोठी मालिक द्वारा गेट न खोलने पर डीआरआई के अधिकारियों ने मामले की जानकारी एसएसपी को दी, जिसके बाद एसएसपी के निर्देश पर पहुंचे सीओ सिविल लाइन और थाना पुलिस ने कोठी का गेट खुलवाया। डीआरआई की टीम दोपहर 12 बजे कोठी में दाखिल हुई, जिसके कुछ देर बाद वन विभाग के अधिकारी संजीव कुमार को भी वन विभाग की टीम के साथ मौके पर तलब कर लिया गया। टीम करीब 18 घंटे तक रिटायर्ड कर्नल के घर में रही और घर को खंगाला। इस दौरान कोठी के बाहर पूरे शहर की मीडिया का जमावड़ा लगा रहा। मगर अधिकारियों ने किसी से कोई बात नहीं की। रविवार की सुबह पांच बजे अधिकारी कोठी से बाहर निकले। डीआरआई द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार बताया गया कि कोठी से करीब दो लाख से अधिक विदेशी कारतूस, 100 से अधिक विभिन्न विदेशी कंपनियों के ब्रांडेड अंग्रेजी हथियार, तेंदुए की खाल, सांभर और हिरन के सिर व सींग, वन्य जीवों के दांत, फ्रिजर में रखे गए 45 पैकेटों में करीब 117 किलो विभिन्न वन्य जीवों का मांस और करीब एक करोड़ की नकदी बरामद हुई है। टीम के अनुसार मामले को वन्य जीवों की तस्करी और हथियारों की सप्लाई से जुड़ा बताया जा रहा है। कोठी से बरामद हुई तेंदुए की खाल जिम कार्बेट के जंगल से शिकार करके लाए जाने की बात बताई गई है। कोठी में हुई बरामदगी के बाद अधिकारियों की आंखे फटी रह गईं। उन्होंने आरोपी प्रशांत के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी, लेकिन फिलहाल आरोपी फरार है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर धरे गए अन्तर्राष्ट्रीय हथियार सप्लायरों ने किया खुलासा- डीआरआई के अधिकारियों के अनुसार डीआरआई ने पिछले दिनों से दिल्ली के इंदरा गांधी अर्न्तराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तीन विदेशियों को गिरफ्तार किया था। यह तीनों टर्किश एयरलाइंस से इंस्तांबुल से लिजबुलजना जा रहे थे। इन विदेशी नागरिकों की तलाशी लेने पर इनके पास से आस्ट्रिया की ग्लोक, इटली की बैरेटा, अरेशनल और बैनल और जर्मनी के ब्लेसर कंपनी की 25 विदेशी पिस्टल और बंदूकंे बरामद हुई, जिन्हें छिपाकर ले जाया जा रहा था। जिसके बाद टीम ने इन्हें हिरासत में लिया तो हिंदुस्तान में अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे इतने बड़े गोरखधंधे का खुलासा हुआ। जिसके बाद गुपचुप तरीके से योजना बनाकर मेरठ में छापेमारी की कार्यवाही को अंजाम दिया गया। आरोपी प्रशांत की गिरफ्तारी के बाद अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे इस गिरोह से जुड़े कई सफेदपोशों के नाम उजागर होने की संभावना जताई जा रही है।
इतने कारतूस कि जिले के सारे थानों की पुलिस पर पड़े भारी- दो लाख कारतूस! पुलिस सूत्रों की मानें तो रिटायर्ड कर्नल के घर से बरामद हुए कारतूस इतने हैं कि जितने पूरे जिले की पुलिस के पास नहीं हैं। पुलिसिया सूत्रों के अनुसार एक थाने में सारी राइफलों और पिस्टलों को मिलाकर करीब एक हजार कारतूसों का कोटा रहता है। मेरठ में कुल तीस थाने में हैं, ऐसे में यदि सूत्रों की बात पर यकीन किया जाए तो प्रशांत के घर से बरामद हुए कारतूस पूरे जिले के थानों की पुलिस पर भारी हैं।
मेरठ के नामचीन होटल संचालक और स्लॉटर हाउस मालिकों में हड़कंप- डीआरआई की टीम को प्रशांत के घर से फ्रिजर में 45 पैकेटों में करीब 117 किलों मांस बरामद हुआ है। यह मांस तेंदुए से लेकर विभिन्न संरक्षित प्रजातियों के पशुओं का बताया जा रहा है। चर्चा है कि यह मांस तो सिर्फ सेंपल है, मांस का भारी स्टॉक किसी अन्य स्थान पर छिपाया गया है। उधर, आरोपी की फेसबुक प्रोफाइल पर नजर डालें तो शहर के कई नामचीन होटल संचालक और प्रभावशाली लोग उसकी फ्रेंड लिस्ट में हैं। चर्चाएं हैं कि आरोपी स्लॉटर हाउस और होटलों में प्रतिबंधित प्रजातियों के पशुओं के मांस की सप्लाई से भी जुड़ा है। वहीं आरोपी के घर से एक ऐसी गाड़ी भी बरामद हुई है, जिसमें फ्रिजर लगा हुआ है। ऐसे में यह भी संभव है कि जंगल में शिकार के बाद जानवर को काटकर ऐसी गाडिय़ों के फ्रिजर में डालकर लाया जाता हो जिससे मांस खराब न हो। सूत्रों के मुताबिक शहर के कई नामचीन होटलों के संचालक और स्लॉटर हाउस के मालिक अपने तार प्रशांत से जुड़ते देख भूमिगत हो गए हैं।
कई गाडिय़ां ऐसी कि पूरे जिले में देखने को न मिलें- आरोपी प्रशांत के घर पर टीम को करीब एक दर्जन लग्जरी गाडिय़ां बरामद हुई हैं। बताया जाता है कि इनमें कई गाडिय़ां ऐसी हैं, जो पूरे जिले में देखने को न मिलें। एक गाड़ी ऐसी भी है जो सिर्फ रेगिस्तान आदि में चलने के लायक है, ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि आखिर इन गाडिय़ों को प्रयोग किस काम में किया जाता है। आरोपी के घर से शान-ओ-शौकत के ऐसे-ऐसे सामान बरामद हुए हैं, कि उसके संपर्क में आने वाला बड़े से बड़ा व्यक्ति प्रभावित हो जाए।
रात भर चली बचाने की कवायद-सूत्रों के मुताबिक टीम का काम तो काफी पहले खत्म हो चुका था, लेकिन टीम के मेरठ मेें पहुंचने के बाद से घर से बाहर निकलने तक दिल्ली से लेकर लखनऊ तक से आरोपी के बचाव में कॉल आती रहीं। कई प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा मामले को रफा-दफा करने का दबाव बनाए जाने की भी चर्चा रही, लेकिन तब तक मामला हाइलाइट हो चुका था और आरोपी के घर के बाहर पूरे शहर का मीडिया जुट गया था। सूत्रों के अनुसार, टीम के अधिकारियों ने प्रशांत के न मिलने पर उसकी पत्नी निधि को हिरासत में लेने का प्रयास किया, लेकिन दबाव के सामने उसे छोड़ दिया गया। उधर, प्रशांत के पिता कर्नल देवेन्द्र विश्नोई ने हाल ही में हुए अपनी आंखो के आपरेशन का हवाला देते हुए खुद को बचा लिया। देखना यह है कि प्रशांत की गिरफ्तारी के लिए अब क्या प्रयास किए जाते हैं। चर्चा यह भी है कि प्रशांत सरेंडर की फिराक में है, क्योंकि यदि वह टीम के हाथ आता है तो कई सफेदपोशों की गर्दन फंसने की संभावना है।
हीरे जड़ी पिस्टल बरामद होने की चर्चा- सूत्रों के अनुसार प्रशांत के घर से बरामद हुए विदेशी हथियारों में जखीरे में एक से बढ़कर अत्याधुनिक हथियार शामिल हैं। एक पिस्टल तो ऐसी भी है जिसकी मूठ पर हीरे जड़े हुए हैं।
कर्नल की हाई-प्रोफाइल फैमिली को पकड़ने में नाकामयाब रहा खुफिया तंत्र-नेशनल शूटर प्रशांत के पिता रिटार्यड कर्नल राजनीति में भी दांव लगा चुके है। वह 1988 में चेयरमैन का चुनाव लड़ चुके है। हालांकि वह उस चुनाव में हार गए थे। इसके बावजूद वह कई बार चुनाव में उतरने का मन बना चुके है। लेकिन किसी तरह वह राजनीति में उसके बाद दोबारा नहीं आ पाए। जिसके बाद उनका पुत्र और वह इस गौरख धंधे में लिप्त हो गए। उनके पास काले रंग की फॉरर्च्यूनर कार सहित छह लग्जरी कार है। इसके अलावा कोठी के बाहर 30 किलोवाट का बिजली का मीटर लगा हुआ है। यहीं नहीं कोठी में पांच कुत्तों के लिए भी एसी लगी हुई है। यहीं नहीं उनकी पत्नी संगीता रोटरी क्लब की गर्वनर रह चुकी है और नेशनल शूटर प्रशांत की पत्नी भी शूटर बताई गई है। सवाल यह उठता है कि इतनी हाई प्रोफाइल फैमिली होने के बावजूद भी यह इस गौरख धंधे में लिप्त है। जिससे लगता है कि सफेद पोशों का सरक्षंण मिला हुआ था और मेरठ का खुफिया तंत्र या तो नाकामयाब रहा या फिर वह किसी के दवाब में कोई कार्यवाहीं न कर सका। --हाक न्यूजलाईन

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