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'हार्मोनल विस्फोट' से युवाओं के बचाव के लिए हॉस्टल में हो लक्ष्मण रेखा: मेनका गांधी

 Agencies |  2017-03-09 08:21:33.0  0  Comments

नई दिल्ली: केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक इंटरव्यू के दौरान हॉस्टल में युवाओं की सुरक्षा के लिए पाबंदी की वकालत करते हुए कहा कि इस उम्र में हार्मोनों में बदलाव होते हैं जिसके कारण उनके बहकने की संभावना होती है। उन्होंने कहा, 'जब आप 16 या 17 के होते हैं, आपके हार्मोन में बदलाव होता रहता है। इसलिए उससे बचाव के लिए एक लक्ष्मण रेखा का होना जरूरी है। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में कहा कि लड़कियों और लड़कों के लिए एक 'लक्ष्मण रेखा होनी चाहिए जिससे वे नियंत्रण में रहें। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में रहने वाले लड़के-लड़कियों के ज्यादा देर रात तक बाहर निकलने पर रोक होना चाहिए जिससे वह भटके नहीं। अपने बच्चों को पढऩे के लिए कॉलेज भेज रहे हैं वे चाहते हैं कि उनका बच्चे रहे। अगर आप 16-17 साल के हैं तो आपके हार्मोन्स बेहद चंचल होते हैं। केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल में उनके आने-जाने की समय सीमा तय किए जाने की वकालत की है। उन्होंने दलील दी है कि ऐसा करना इसलिए जरूरी है ताकि छात्र-छात्राओं को उनके 'हॉर्मोंस में विस्फोटक बदलावों' के असर से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिबंध लड़कों और लड़कियों, दोनों के मामले में लगाए जाने चाहिए। इन बयानों को लेकर ट्विटर पर भी मेनका गांधी की काफी निंदा हुई। मशहूर लेखिका शोभा डे तक ने ट्वीट कर मेनका पर व्यंग्य किया है।

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