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यूपी चुनाव: अवध पर कब्जे के लिए वाराणसी पर नजर

 The Hawk |  2017-03-03 13:12:19.0  0  Comments

यूपी चुनाव: अवध पर कब्जे के लिए वाराणसी पर नजर

नई दिल्ली: यूपी विधानसभा की चुनाव प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में हैं। अवध के सिंहासन पर दावेदारी के लिए राजनीतिक दल पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। छठवें और सातवें चरण का चुनाव सभी दलों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुका है। सपा जहां अपने दबदबे को कायम रखने की कवायद कर रही है, वहीं बसपा उस जीत की जुगत में है जब पार्टी ने 2007 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। इन सबके बीच राज्य की सत्ता से वनवास काट रही भाजपा दोनों दलों को पटखनी देने की तैयारी में है। राजनीतिक लिहाज से पूर्वांचल में अलग अलग इलाकों में सभी दलों के नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। पीएम का संसदीय सीट होने के नाते वाराणसी पर सभी लोगों की खास निगाह है। इसके अलावा मुलायम सिंह यादव की संसदीय सीट पर सपा 2012 के परिणाम को एक बार फिर दोहराने में जुटी है।

एम फैक्टर के जरिए बसपा प्रमुख मायावती पूर्वांचल में अपनी धाक जमाने में जुटी हुई हैं। इन सबसे इतर योगी आदित्यनाथ जो थोड़े नाराज थे उनकी प्रतिष्ठा सरयू पार यानि की गोरखपुर मंडल और बस्ती मंडल की सीटों पर दांव पर है। भाजपा प्रत्याशियों की राह आसान बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री वाराणसी की घेरेबंदी किए हुए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जो चुनाव का संचालन लखनऊ से रहकर कर रहे थे, उन्होंने अब अपने बेस कैंप को लखनऊ से शिफ्ट कर वाराणसी कर दिया है। चार मार्च और पांच मार्च को पीएम की रैली से ठीक पहले इस बात की कवायद की जा रही है कि किसी भी तरह से जनता को ये संदेश दिया जाए कि राज्य के विकास के लिए सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही सोचती है। भाजपा के रणनीतिकारों की कोशिश है कि टिकट बंटवारे के बाद जो असंतोष उभरा था उसे हर हालत में खत्म किया जाए। इस दिशा में असंतुष्टों को मनाने के लिए कुछ केंद्रीय मंत्री लगातार वाराणसी में कैंप कर रहे हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा, राज्यसभा सांसद ओम माथुर राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा वाराणसी में मौजूद हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली वाराणसी का दौरा कर चुके हैं। इसके अलावा चुनाव से हर एक दिन पहले एक केंद्रीय मंत्री वाराणसी से प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा।पीएम का चार मार्च और पांच मार्च को वाराणसी में जनसभा को संबोधित करेंगे। चार मार्च को जौनपुर में चुनावी सभा के बाद पीएम वाराणसी जाएंगे। काशी विश्वनाथ के दर्शन के बाद वो शाम को जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके अलावा पीएम पांच मार्च को एक बार फिर वाराणसी आएंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। बताया जा रहा है कि पीएम रात्रि प्रवास करेंगे और 6 मार्च को दिल्ली रवाना होने से पहले वो बुद्धिजीवियों से चर्चा में शामिल होंगे। वाराणसी में विधानसभा की आठ सीटें हैं,इनमें से सेवापुरी और रोहनियां में अपना दल के उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमां रहे हैं। इसके अलावा 6 सीटों पर भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर है। इन 6 सीटों पर सबसे कड़ा मुकाबला पिंडरा और वाराणसी दक्षिण में माना जा रहा है। वाराणसी दक्षिण पर भाजपा के सात बार विधायक रहे श्यामदेव राय चौधरी टिकट कटने के बाद नाराज हैं,और वो भाजपा प्रत्याशी नीलकंठ तिवारी का प्रचार नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा वाराणसी कैंट में भाजपा प्रत्याशी सौरभ श्रीवास्तव का विरोध हो रहा है। पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि भाजपा के लिए ये सीट एक परिवार की सीट बनकर रह गई है। बता दें कि वाराणसी कैंट सीट से सौरभ श्रीवास्तव की मां ज्योत्सना श्रीवास्तव भाजपा की सीटिंग एमएलए हैं।

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