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कृषि अध्यादेशों का विरोध : किसानों की मोदी सरकार को चेतावनी

कृषि अध्यादेशों का विरोध : किसानों की मोदी सरकार को चेतावनी

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा हाल ही में पास किए गए तीन कृषि अध्यादेशों के खिलाफ देशभर के किसानों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। इन बिलों को किसान विरोध बताते हुए भारतीय किसान यूनियन ने मंगलवार को हरियाणा के अंबाला में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल हुए किसानों ने मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हमारा धरना प्रदर्शन 19 सितंबर तक चलेगा। अगर सरकार उसके बाद भी हमारी बात नहीं मानती है, तो हम 20 सितंबर को पूरे राज्य में सड़कों को जाम कर देंगे। किसानों का आरोप है केंद्र सरकार किसानों को फसलों के लिए मिलने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य को खत्म करना चाहती है, साथ ही सीधे बड़ी कंपनियों के साथ डील करके आढ़तियों को भी खत्म करना चाहती है। किसानों ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपना विरोध जताने का अधिकार है। हरियाणा के अलावा भारतीय किसान यूनियन से जुड़े सैकड़ों किसान इन कृषि अध्यादेशों के खिलाफ पंजाब के लुधियाना में भी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। गाजियाबाद में भी भारतीय किसान यूनियन भाकियू ने कें‍द्र सरकार की ओर से संसद में पेश किए जा रहे तीन कृषि अध्यादेशों को किसान विरोधी बताते हुए उनके विरोध में धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया था। इससे पहले बीते गुरुवार को भी भारतीय किसान संघ और अन्य किसान संगठनों से जुड़े सैकड़ों किसानों ने कें‍द्र सरकार के तीन कृषि अध्यादेशों को किसान विरोधी बताते हुए उनके विरोध में हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिपली में राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया था। इस दौरान भारतीय किसान संघ ने दावा किया था कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके बाद में प्रदर्शनकारी यातायात रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 22 पर धरने पर बैठ गए थे। किसान बचाओ, मंडी बचाओ' रैली के लिए किसानों को पिपली अनाज मंडी में पहुंचने से रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई कड़ी व्यवस्था के बावजूद कई किसान वहां पहुंचने में कामयाब रहे थे।



Updated : 15 Sep 2020 11:14 PM GMT
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