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'महा' संकट का सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में होगा अधिक असर

महा संकट का सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में होगा अधिक असर

अहमदाबाद: गुजरात की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे महा चक्रवात का सबसे अधिक असर सौराष्ट्र समेत दक्षिण गुजरात और मध्य गुजरात पर होगा| मौसम विभाग के मुताबिक 7 नवंबर की सुबह महा चक्रवात सौराष्ट्र के तट से टकराएगा|

मौसम विभाग के निदेशक जयंत सरकार ने बताया कि चक्रवात फिलहाल पोरबंदर से 660 किलोमीटर वेरावल से 720 किलोमीटर और दीव से 770 किलोमीटर दूर है| जैसे जैसे चक्रवात गुजरात की ओर बढ़ता जाएगा, वैसे वैसे वह कमजोर होगा| अनुमान है कि महा चक्रवात दीव और पोरबंदर के बीच 80 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टकराएगा| चक्रवात के कारण 6 नवंबर को जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर, सूरत, भरुच, आणंद, अहमदाबाद, बोटाद, राजकोट इत्यादि में भारी से अतिभारी बारिश होगी| 7 नवंबर को भावनगर, राजकोट, पोरबंदर, देवभूमि द्वारका, अमरेली, गिर सोमनाथ सूरत, भरुच, आणंद, वडोदरा समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है| 8 नवंबर तक महा चक्रवात कमजोर हो जाएगा|

चक्रवात को लेकर मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि संभावित स्थितियों से निपटने के लिए सरकार और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सज्ज है और गुजरात के तटीय इलाके सभी व्यवस्था स्टेन्ट बाय कर दी गई है| कच्छ में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि महा चक्रावत 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरात से टकराने की स्थिति को ध्यान में रखकर सरकार ने ठोस आयोजन किया है| ताकि एक भी जानहानि नहीं हो| उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि जल्द ही चक्रवात का संकट खत्म हो और गुजरात सुरक्षित रहे|

महा चक्रवात का सबसे अधिक असर पोरबंदर और दीव पर होगा| दीव और पोरबंदर के बीच चक्रवात टकराएगा| जिसे देखते हुए प्रशासन ने दीव आए पर्यटकों को तुरंत दीव छोड़ देने का आदेश दिया है| पोरबंदर में महा चक्रवात से संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं| चक्रवात को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ की अतिरिक्त तीन टीमें गुजरात बुलाई गई हैं| राजस्थान से 2 और महाराष्ट्र 1 एनडीआरएफ की टीम आने से दीव में दो के बजाए अब एनडीआरएफ की 5 टीमें तैनात की जाएंगी| गुजरात में अब तक एनडीआरएफ की 32 टीमों को तैनात किया जा चुका है|

सूरत के ओलपाड में एनडीआरएफ की टीमें स्टेन्ड बाय रखी गई हैं| चक्रवात संकट के चलते ओलपाड के 30 से अधिक गांव को अलर्ट किया गया है| सौराष्ट्र के अमरेली जिले की जाफराबाद तहसील के 3 और राजूला तहसील के 3 गांव पर चक्रवात का सबसे अधिक खतरा होने की जानकारी है| इसके अलावा समुद्र तट क्षेत्र के 17 गांवों को सतर्क कर दिया गया है|


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