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निमोनिया से बचने के लिए लेना चा‎हिए वैक्सीन

निमोनिया से बचने के लिए लेना चा‎हिए वैक्सीन

लंदन: एक नई स्टडी में सामने आया है कि बच्चों को बचपन में ही वैक्सीन टीका देने से गंभीर निमोनिया होने का खतरा 35 प्रतिशत तक कम हो जाता है। इस‎लिये उन्हें बचपन में ही निमोनिया बीमारी देने वाले बैक्टीरिया के खिलाफ वैक्सीन लगवा देना चा‎हिए। बता दें ‎कि यह बात मर्डोक चिल्ड्रेन्स रिसर्च इंस्टिट्यूट और यूनिवर्सिटी ऑफ मेल्बर्न ने संयुक्त रूप से एक रिसर्च में सामने आयी है कि निमोनिया सबसे कॉमन कारण है जिस वजह से बच्चे बीमार पड़ते हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है। कई बार तो निमोनिया इतना गंभीर हो जाता है कि नवजात शिशुओं को ट्रीटमेंट के दौरान ऑक्सीजन तक देने की जरूरत पड़ जाती है। इस रिसर्च के नतीजे फिलीपीन्स में हुए वर्ल्ड सोसायटी फॉर पीडिऐट्रिक इन्फेक्शियस डिजीज के दौरान रिलीज किए गए थे। बता दें ‎कि निमोनिया न्यूमोकॉकल बैक्टीरिया की वजह से होता है और अगर इस बैक्टीरिया के खिलाफ दी जाने वाली न्यूमोकॉकल वैक्सीन बच्चे को लगवा दी जाए तो निमोनिया से होने वाली मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है। हालांकि निमोनिया के खिलाफ इस वैक्सीन का असर क्या और कितना है इस बारे में रिसर्च टीम सही आंकड़े नहीं दे पायी। बता दें ‎कि साउथ ईस्ट एशिया का पहला देश है लाओस जहां साल 2013 में पहली बार न्यूमोकॉकल वैक्सीन की शुरुआत की गई थी जो एक नहीं बल्कि 13 तरह के सबसे कॉमन न्यूमोकॉकस के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है। वहीं, रिसर्च से जुड़े प्रफेसर रसेल ने कहा ‎कि बच्चों का टीकाकरण होना इसलिए भी जरूरी है कि क्योंकि एक बार वैक्सीन लग जाने के बाद पूरी कम्यूनिटी सुरक्षित हो जाती है क्योंकि वैसे बच्चे जो अपनी नाक के पीछे वाले हिस्से में न्यूमोकॉकस बैक्टीरिया को कैरी करते हैं उन्हीं की वजह से यह बैक्टीरिया वातावरण में फैलता है और दूसरे बच्चे भी उससे इंफेक्टेड हो जाते है।

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