Home > जीवनशैली > स्वास्थ्य और फिटनेस > एंटीबायोटिक के प्रति रजिस्टेंस कम करती है मेजिकल ड्रिंक ग्रीन टी

एंटीबायोटिक के प्रति रजिस्टेंस कम करती है मेजिकल ड्रिंक ग्रीन टी

एंटीबायोटिक के प्रति रजिस्टेंस कम करती है मेजिकल ड्रिंक ग्रीन टी

वॉशिंगटन: एंटिऑक्सिडेंट्स से भरपूर ग्रीन टी एक नहीं अनेक तरह से फायदेमंद है। यह दुनियाभर में सबसे ज्यादा पिए जाने वाले ड्रिंक्स में से एक है। इसके कई सारे फायदों की वजह से इसे मैजिकल ड्रिंक के रूप में भी जाना जाता है। एक अध्ययन में सामने आया है कि ग्रीन टी पीने से न सिर्फ वजन कम होता है, बल्कि ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है। ग्रीन टी के लगातार इस्तेमाल से कोलेस्ट्रॉल मैनेज करने में मदद मिलती है। त्वचा स्वस्थ रहती है, तनाव से छुटकारा मिलता है। इसके साथ ही इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होती है और शरीर को डीटॉक्स करने में भी मदद मिलती है। इसके अलावा हाल ही के एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि ग्रीन टी पीने का एक और सबसे बड़ा फायदा यह है कि ग्रीन टी बैक्टीरिया के प्रति एंटीबायॉटिक रेजिस्टेंस को कम करने में मदद करती है। ग्रीन टी में मौजूद एक नेचुरल एंटीऑक्सिडेंट एंटीबायॉटिक रेजिस्टेंट बैक्टीरिया को दूर करने में मदद करता है।

मेडिकल माइक्रोबायॉलजी नाम के जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि ग्रीन टी में पाया जाने वाला ईजीसीजी, एजट्रीओनम, सामान्य रूप से इस्तेमाल होने वाली एंटीबायॉटिक की एक्टिविटी को रिस्टोर करने में मदद करता है, जिसका इस्तेमाल बैक्टीरियल पैथोजन पी. एरोजिनोसा से होने वाले इंफेक्शन को ठीक करने में किया जाता है। पी. एरोजिनोसा से सांस की नली और खून की नली से जुड़ा गंभीर संक्रमण है, जो पिछले कई सालों में कई एंटीबायॉटिक्स के प्रति रेजिस्टेंट हो गया है। फिलहाल एंटीबायॉटिक्स के कई कॉम्बिनेशन्स को मिलाकर पी. एरोजिनोसा बीमारी का इलाज किया जाता है। हालांकि इन इंफेक्शन्स का इलाज करना धीरे-धीरे काफी मुश्किल होता जा रहा है, क्योंकि एंटीबायॉटिक्स के प्रति रजिस्टेंस बढ़ता जा रहा है। एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) दुनियाभर के पब्लिक हेल्थ सेक्टर के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है और बिना असरदार एंटीबायॉटिक्स के इस्तेमाल के लोगों के के सफल इलाज से समझौता करना होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ ने भी एंटीबायॉटिक रेजिस्टेंट पी. एरोजिनोसा को इंसानों की सेहत के लिए बड़ा खतरा माना है। हमने दिखा दिया है कि नेचरल प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल कर हम इस खतरे को सफलतापूर्वक खत्म कर सकते हैं।


Tags:    
Share it
Top