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पाक ठिकानों पर भारत के हमले जारी रहे तो मूकदर्शक नहीं बना रहेगा पाक: इमरान

पाक ठिकानों पर भारत के हमले जारी रहे तो मूकदर्शक नहीं बना रहेगा पाक: इमरान

नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत को धमकी दी है। रविवार को इमरान खान ने ट्वीट करके कहा मैं भारत और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट करना चाहता हूं कि अगर लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के पार भारत अपने सैन्य हमले जारी रखता है, तो पाकिस्तान मूकदर्शक नहीं बना रहेगा। दरअसल, पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन के बाद भारत जवाबी कार्रवाई करता है। इस जवाबी कार्रवाई से इमरान खान बौखला गए हैं। एक अन्य ट्वीट में इमरान खान ने कहा कि भारत एलओसी के पार लगातार फायरिंग कर रहा है और स्थानीय लोगों को निशाना बनाता है। संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद को इस मामले दखल देने की जरूरत है। राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) भारतीय गतिविधि पर नजर रखे और कश्मीर का दौरा करे। हमें भारतीय सेना के फ्लैग ऑपरेशन से डर लगता है।

भारत की नीति कभी भी पहले हमला करने की नहीं रही है। ऐसे में पाकिस्तान की फायरिंग के जवाब में भारतीय सेना को कार्रवाई करनी पड़ती है। भारत सीमा पर शांति चाहता है, वहीं पाकिस्तान लगातार सीमावर्ती इलाकों में गोलीबारी कर रहा है। पाकिस्तान सीमावर्ती इलाकों में लगातार सीज फायर तोड़ रहा है। पाकिस्तान सीमावर्ती इलाकों में भारी मात्रा में मोर्टार दाग रहा है।

शनिवार को भी पाकिस्तानी सैनिकों ने दो बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। पाकिस्तान ने छोटे हथियारों का इस्तेमाल किया, गोलीबारी की और मोर्टार दागे। भारतीय सेना ने शनिवार को एक बयान में कहा था कि मेंढर सेक्टर में संघर्ष विराम उल्लंघन दोपहर 12.30 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक हुआ। भारतीय पक्ष ने इसका करारा जवाब दिया। इसके बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पार फिर से गोलीबारी शुरू कर दी थी।रक्षा मंत्रालय के सूत्रों का दावा है कि जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं पिछले साल की तुलना में दोगुना अधिक हो गई हैं।

सन 2018 में जहां इनकी संख्या 1,629 थी, वहीं इस साल यह बढ़कर 3,200 हो गई हैं। पाकिस्तानी सेना केरन घाटी, पुंछ, उरी, कृष्णाघाटी और अखनूर सेक्टरों में लगातार गोलीबारी कर रही है। साल 2019 के दिसंबर माह में इस प्रकार की 340 घटनाएं सामने आई थीं, वहीं इसके पहले साल इसी समय में यह आंकड़ा 175 था। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया था कि सर्दियों में संघर्ष विराम तोड़े जाने की घटनाओं में कमी आती है, लेकिन इस बार ऐसकी घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। अनुच्छेद 370 को रद्द करने और जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने के बाद से ही पाकिस्तान लगातार सीमा पर से गोलीबारी कर संघर्ष विराम तोड़ रहा



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