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अयोध्या फैसले पर मुस्लिम धार्मिक उलेमाओं से आपसी सौहार्द कायम रखने की अपील

अयोध्या फैसले पर मुस्लिम धार्मिक उलेमाओं से आपसी सौहार्द कायम रखने की अपील

सहारनपुर: अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय से आने वाले फैसले के मद्देनजर शांति व्यवस्था यथावत् बहाल रखे जाने के लिए चलाये जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत आज इस्लामियां इंटर कॉलेज में आज मुस्लिम धार्मिक उलेमाओं की बैठक आयोजित कर फैसले को सहज स्वीकार कर आपसी सौहार्द को कायम रखने की अपील की गयी।

कालेज आयोजित बैठक में सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने कहा कि राम मन्दिर, बाबरी मस्जिद प्रकरण में 18 नवम्बर 19 से पूर्व न्यायालय का फैसला आना है। उक्त फैसला किसी के भी पक्ष में आये, हमें उसे मानना होगा। वर्ष 2०1० में भी इसी सम्बन्ध में उच्च न्यायालय का फैसला आया था उस समय पूरे प्रदेश में व देश में कहीं भी कोई गडबडी नहीं हुई थी। हम प्रशासन से यह अपेक्षा करते हैं कि वह बिना किसी भेद-भाव के सभी जाति धर्म के लोगों के साथ समान रूप से व्यवहार करते हुए न्याय करे, यह हमारा इम्तेहान है। हम साथ-साथ रहते आये हैं और प्यार से रह रहे है। काजी नदीम अख्तर ने कहा कि हमारा मुल्क एक संविधान से चलता है। दुनिया में कम ही मुल्क ऐसे हैं जिनके पास हमारे जैसा संविधान है। हमारा देश सैक्यूलर है और संविधान की नजर में सब बराबर है। हम बहुत दिनों से इस फैसले का इन्तजार कर रहें है, मुल्क में सभी लोगों की निगाहें इस फैसले पर लगी हैं, यहॉं तक की दुनिया के तमाम लोगो की निगाहें इस फैसले पर लगी है। फैसला चाहे किसी के भी पक्ष में आये हमको उसको मानना है और एक जिम्मेदार शहरी होने के नाते मैं सबसे अपील करता हूॅं कि हम सब हिन्दू-मुस्लिम व अन्य धर्मो के लोग आपस में मिल-जुलकर रहें, जिससे भाईचारा बना रहे।

शेरशाह आजम ने कहा कि किसी की आस्था किसी से भी जुडी हो सकती है। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारा यह धर्म है कि हम सभी की आस्थाओं का सम्मान करें। देश में रहने वाले प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह संविधान का पालन करे और किसी भी प्रकार की हिंसा न करे। जनपद व मुल्क में अमन शान्ति कायम करने के लिए सभी राजनैतिक, सामाजिक, धार्मिक व प्रशासनिक लोगों को एक ऐसा संगठन तैयार करना चाहिए जिससे लोगों के बीच बढ रहे अविश्वास को दूर किया जा सके। न्यायालय का फैसला हमें मंजूर होगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले का अनुपालन करने की अपील करते हुए सभी से धैर्य, संयम और शान्ति बनाये रखने की अपील की गयी। वर्तमान परिवेश में किसी भी प्रकार की अफवाह और आपसी अविश्वास अत्यन्त हानिकारक है, हमें ऐसी चीजों से बचना है। आप सबका पुलिस, प्रशासन पर विश्वास होना आवश्यक है, आपके विश्वास से हमको बल मिलता है। सोशल मीडिया पर कभी-कभी पुरानी वीडियो चलाकर कुछ लोग समाज में नफरत फैलाने का कार्य करते हैं। हमको ऐसे लोगों से सावधान रहना है। न्यायालय के फैसले को खुले मन से स्वीकार करें। यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा माहौल खराब करने का प्रयास किया जाता है तो उसके विरूद्व कडी कार्यवाही की जायेगी। मीटिंग में सम्मलित व्यक्तियों द्वारा पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों की बातों का समर्थन करते हुये न्यायालय के फैसले को स्वीकार करने की बात कही गयी तथा शान्ति व्यवस्था बनाये रखने का आश्वासन दिया गया। इस मौके पर सांसद फजलुर्रहमान, काजी नदीम अख्तर-नायब शहर काजी, मौलाना अताउर्रहमान वजदी-राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबरी मस्जिद एक्षन कमेटी सहारनपुर, अब्दुल मालिक मुंगेसी-जिलाध्यक्ष आल इण्डिया मिल्ली कौंसिल, मजहर उमर, शेरशाह आजम-सदस्य मुत्ताहिदा मजलिस-ए-अमल सहारनपुर, हैदर रऊफ सिद्दीकी, मौलाना मौहम्मद आरिफ-मदरसा गंगोह, हाजी इरफान-सहारनपुर, मौलाना शाहिद मजाहिरी-नाजिम मदरसा फलाहीदारान मौ० खाताखेडी सहारनपुर, मौलाना इनामुल्लाह-मदरसा मानकमऊ, मौलाना निसार-मदरसा मजाहिर उलूम वक्फ, मुफ्ती स्वालेह-मदरसा मजाहिर उलूम जदीद, मौलाना अथर हक्कानी-मदरसा मजाहिर उलूम जदीद, डा० गुफरान-प्रधानाचार्य इस्लामिया इण्टर कालेज सहारनपुर, साबिर अली-सदस्य वुड कार्विंग कमेटी सहारनपुर, मौलाना अजीजउल्ला नदवी-मदरसा बेहट, मौलाना ताहिर-मदरसा पठलोकर, मुफ्ती आरिफ-सरसावा व मौलाना जहूर अहमद व जिलाध्यक्ष जेयूएच शामिल रहे। संचालन मौलाना अब्दुल मालिक मुंगैसी ने किया।

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