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पत्रकारिता के गौरवमयी अतीत व भविष्य को बनाये रखने के लिए ज्ञान व अध्ययन जरूरी: डीएम

पत्रकारिता के गौरवमयी अतीत व भविष्य को बनाये रखने के लिए ज्ञान व अध्ययन जरूरी: डीएम

-शरद पूर्णिमा के उज्जवल चन्द्रमा की तरह पत्रकारिता में लायें चेतना: भारत भूषण

-ग्रामीण अंचल के पत्रकारों का कार्य सराहनीय: आलोक तनेजा

सहारनपुर: जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडे ने कहा कि पत्रकारिता के गौरवमयी अतीत व भविष्य को बनाए रखने के लिए हमें ज्ञान व अध्ययन की आवश्यकता है, जिससे कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता व उसकी गरिमा पर आमजन का विश्वास बढ़ सकें।

जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडे आज गांधी पार्क के जनमंच सभागार में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के 32वें प्रान्तीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडे, प्रदेश अध्यक्ष सौरभ कुमार, पदमश्री भारत भूषण, राज्य सभा टीवी पत्रकार अरविंद कुमार सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रवण द्विवेदी, प्रदेश महामंत्री देवी प्रसाद गुप्ता, संगठन महामंत्री महेन्द्र प्रताप सिंह, केजी गुप्ता ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती व संगठन संस्थापक स्व.बालेश्वर लाल के चित्र पर दीप प्रज्जपलित व पुष्प अर्पित कर इस गोरवमयी सम्मेलन की शुरूआत की। प्रदेश भर से लगभग 6० जनपदों से जुटे पत्रकारों के सम्मेलन मेें पत्रकारों के हितों की रक्षा व ग्रामीण अंचलों के पत्रकारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडे ने भारतीय पत्रकारिता के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत मेे 17वीं व 18वीं शताब्दी में पत्रकारिता का उदय हुआ था और यदि इतिहास के पन्नो को पलटा जाये, तो भगवान श्रीकृष्ण ने देश में पत्रकारिता की शुरूआत की थी। उन्होंने कहा कि पत्रकार का मुख्य कार्य एक दूसरे की भावनाओं व कार्याे को मुख्यत: पहुंचाना है, वह सेतु का कार्य करता है। जो भगवान श्रीकृष्ण ने भी कर दिखाया। उन्होंने पत्रकारिता को गौरवमयी कार्य बताते हुए कहा कि आज अज्ञानता के अभाव में इस कार्य की गरिमा व विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह लगाया जा रहा है, ऐसे में आवश्यक है कि इस कार्य को पूर्णतया ज्ञान के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण अंचल के पत्रकारों के कार्यो की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह संसाधनों के अभाव में भी अपने दायित्वों का निष्ठा पूर्ण निर्वहन कर रहे है, जो अति स्मरणीय है। उन्होंने पत्रकारों से आह्वान करते हुए कहा कि वह अधिक से अधिक ज्ञान अर्जित कर पत्रकारिता के गौरवमयी भविष्य को ध्यान में रख पत्रकारिता का कार्य करें। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पदमश्री भारत भूषण ने कहा कि चेतना से देश के नक्शे को बदला जा सकता है और शरद पूर्णिमा के चन्द्रमा की उज्जवलता है और आज हम इस बात का संकल्प करें कि इस चन्द्रमा की उज्जवलता में पत्रकारिता की कलम में नयी चेतना लाने का काम किया जाये। उन्होंने आयोजन की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए संगठन पदाधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष आलोक तनेजा ने आज सचमुच में उत्तर प्रदेश को एक मंच पर व्यस्थित रूप से एकत्रित किया है। उन्होंने पत्रकारिता के कार्य को संवेदनशील, विचारशील, विवेचना शील, अध्ययनशील बताते हुए कहा कि ग्रामीण आंचल के पत्रकारों का कार्य वास्तव में अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हें भौगोलिक परिस्थितियों का पूर्ण ज्ञान होता है। ऐसे मे वह सीमित संसाधनों के बीच राष्ट्र विकास में योगदान दे रहे है, वह पत्रकारिता के आधार स्तम्भ है।

इस अवसर पर महापौर संजीव वालिया व मीडिया सैंटर मु.नगर के के अध्यक्ष अनिल रायल ने कहा कि पत्रकारिता अन्तर मन से होनी चाहिए, क्योंकि आज पत्रकारिता संकट के दौर से गुजर रही है। मान स्वाभिमान व सम्मान के लिए पत्रकारिता को मिशन के रूप में अपनाया जाना चाहिए। इसके लिए आत्म चिंतन जरूरी है। महामंत्री देवी प्रसाद गुप्ता ने ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि आज सहारनपुर की धरती पर जो सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, यह वर्षो पूर्व एक पौधा रोपित किया गया था, जो आज वट वृक्ष का रूप ले चुका है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि तहसील व ब्लॉक स्तर पर पत्रकारों को बिना सुविधा के मान्यता कार्ड जारी किए जाये और पत्रकार भी मानवता कल्याण की पत्रकारिता करें।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष आलोक तनेजा ने आये सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज इस गौरवमयी, सारगर्भित आयोजन के लिए उनकी पूरी टीम साधूवाद की पात्र है, जिन्होंने पूरी लगन व निष्ठा के साथ उनका साथ देते हुए इस महासम्मेलन को पूर्ण कराने मे अपना योगदान दिया। इनके अलावा पत्रकार राजेश जैन, अनिल भारद्वाज, अनीस सिद्दकी, नवाजिश खान, एसएम हुसनैन जैदी, वरिष्ठ पत्रकार डॉ.शाहिद जुबैरी, श्रवण द्विवेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर बार संघ के अध्यक्ष आदित्य अंगीरस, डॉ.असलम खान, राज सिंह माजरा, शीतल टंडन, पूर्व बार संघ अध्यक्ष अरविंद शर्मा, पाली कालड़ा, राजकुमार राजू, मौलवी फरीद, एम आजाद अंसारी के अलावा जीपीए की जिला कार्यकारिणी के हरजीत सिंह रंगूला, अरविंद सिंह काका, राजकुमार शर्मा, नवाजिश खान, वेद प्रकाश पांडे, अनीस सिद्दकी, अनुज सैनी, सुशील राजभर, सुरेश कुमार, विनय कुमार, मुकेश शर्मा, प्रवक्ता मनोज कश्यप, धर्मेन्द्र अनमोल, जैद खान, विनोद कश्यप, अशोक शर्मा, प्रदीप चौहान, सुशील कपिल, जोगेन्द्र कल्याण, दानिश खान, नंदीश भारद्वाज, सुधीर गुम्बर, शकील अहमद, शौकीन, कलीम अहमद, राजकुमार जाटव, रमन गुप्ता, नफीसुर्रहमान, राजीव मोंगा, सुभाष कश्यप, डॉ.सुशील मोंगा, चौधरी कुशलपाल, रामकुमार सैनी, अफजाल, मनोज माहेश्वरी, नरेश, कुलदीप काम्बोज, फैयाज अली, दीपक यादव, सुरेश गुप्ता, जितेन्द्र मेहरा, तीरथ चौधरी, विजय शर्मा आदि मौजूद रहे। संचालन दानिश आजम व मनोज कश्यप ने किया।


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