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भूमिगत केबल योजना के पाईप लग रहे बाहर, विवादों पर विभाग कर रहा सुधार

भूमिगत केबल योजना के पाईप लग रहे बाहर, विवादों पर विभाग कर रहा सुधार

कुमार दुष्यंत

हरिद्वार (दैनिक हाक): शुरु से विवादों में घिरी भूमिगत विद्युत लाईन योजना में रोज नये नये विवाद सामने आ रहे हैं। जिसके कारण इस योजना की गति लगातार प्रभावित हो रही है और इसका समय बार बार आगे बढाना पड़ रहा है। अब पुलों पर लाईन ले जाने के काम को लोगों की आपत्तियों के बाद विभाग को नये तरीके से सुधार कर करना पड़ रहा है।

केंद्र की करोड़ों रुपये की भूमिगत विद्युत केबल बिछाने की योजना पर हरिद्वार में शुरू से ही विवाद होते रहे हैं। 2017 में शुरू होने वाली इस योजना के 2020 में शुरू होने पर पहले ही से सवाल खड़े हो रहे थे। फिर कई जगह बारिश में जल मग्न होने वाले क्षेत्रों में नागरिकों ने इस योजना का विरोध किया। हरिद्वार के बाजारों इसके जंक्शन बॉक्स के खिलाफ व्यापारी मुखर हो गये। जिसके कारण यहां कई दिन काम रुका रहा। काम शुरू हुआ तो विभाग को कई जगह नागरिकों और व्यापारियों की मांग के आगे झुकना पड़ा। अब आलम यह है कि जंक्शन बॉक्स कहां लगे, कितनी क्षमता का लगे यह भी विभाग को व्यापारियों के दबाव में तय करना पड़ रहा है।

नया विवाद भूमिगत लाईनों को पुलों से गंगापार ले जाने से जुड़ा है। विभाग ने इसके लिए विष्णुघाट पुल.ललतारों पुल, डामकोठी पुलों पर लोहे के बडे बडे एंग्लायरन लगाए हैं, जिनकी सपोर्ट पर भूमिगत लाईनों को पाईपों के सहारे गंगापार ले जाया जाएगा। लेकिन यह एंग्लायरन कहीं पुलों के बाहर लगाए गए हैं तो कहीं पुलों के अंदर की तरफ। विष्णुघाट पुल पर करीब चार चार फीट एंग्लायरन पुल के अंदर की ओर लगा देने से नागरिक इसके विरोध में उतर आए हैं। व्यापारी संजीव नैयर, प्रदीप कालरा, संदीप कपूर, अभिषेक भारद्वाज, पूर्व पार्षद अमन गर्ग ने पुल पर लगे इन एंग्लायरन का विरोध किया है। नागरिकों का कहना है इससे पुल का सौंदर्य खराब होने के साथ ही इससे यहां आवागमन बाधित होगा। बिजली की लाईन को इस तरह अंदर की ओर लगाना खतरे से भी खाली नहीं है। जबकि हजारों स्थानीय लोग व यात्री प्रतिदिन इसका उपयोग करते हैं। लोगों के विरोध के बाद अब विभाग इस पुल पर लगे एंग्लायरनों में सुधार करने में जुट गया है।

ज्ञात रहे कि इस योजना के तहत आर्यनगर तिराहे से भूपतवाला तिराहे तक बिजली लाईनों को भूमिगत किया जाना है। पहले इस योजना को मार्च तक पूरा किया जाना था।फिर समय जून तक बढाया गया। अब लाकडाऊन के चलते दो माह की अवधि ओर बढाई जा रही है।

विष्णुघाट पुल पर एंग्लायरनों की शिकायत मिलने के बाद निरीक्षण कराया गया है। एंग्लायरन अंदर या बाहर रखना पुल की स्ट्रैंथ पर निर्भर करता है। क्योंकि यह पुल पुराना है। इसलिए यहां एंग्लायरन अंदर की ओर लगाए गए हैं। आवागमन प्रभावित न हो, इसके लिए एंग्लायरनों को छोटा किया जा रहा है। -पवन सिंह, अधिशासी अभियंता भूमिगत केबल योजना


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