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बहनों ने की डेढ़ वर्षीय छोटे भाई की गंगा में फेंक कर हत्या

बहनों ने की डेढ़ वर्षीय छोटे भाई की गंगा में फेंक कर हत्या

-सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से हुआ घटना का खुलासा

-एक माह कनखल की घटना को सुनकर दिया वारदात को अंजाम

-पुलिस ने लिया दोनों नाबालिग बहनों को हिरासत में

हरिद्वारः तीन दिन पूर्व अपहरण हुए डेढ़ साल के बच्चे की गुत्थी को ज्वालापुर पुलिस ने सुलझा लिया है। मासूम का अपहरण नहीं बल्कि उसकी सगी बहन ने अपनी चचेरी बहन के साथ मिलकर गंगा में फेंक कर हत्या की थी। इस बात का खुलासा घर के पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से हुआ है, जिसको दोनों बहनों ने पूछताछ के दौरान वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। इस बात की जानकारी एसएसपी सेंथिल अबुदेई कृष्णराज एस ने आज कोतवाली ज्वालापुर में पत्रकार वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि 29 नवम्बर 19 को सोनू कुमार पुत्र कालूराम निवासी पीठ बाजार लोधामण्डी ज्वालापुर का मां की बंगल में सो रहा डेढ़ साल का बेटा पूरब तड़के गायब हो गया था, जिसकी जानकारी पिता सोनू कुमार ने ज्वालापुर पुलिस को देते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने पीडित परिवार सहित रिश्तेदारों से कई चरणों में की गयी पूछताछ में भी मासूम के अपहरण के सम्बंध में कोई सुराग नहीं लग सका था। लेकिन पुलिस मामले की गम्भीरता को देखते हुए मासूम की तलाश में जुटी थी।

एसएसपी ने बताया किया कि मासूम की तलाश के लिए कई टीमों को लगाया गया था, जोकि मासूम की तलाश में जुटी थी। पुलिस ने परिवार के सदस्यों से भी कई बार पूछताछ की गयी, मगर मासूम के सम्बंध में कुछ निकल कर नहीं आया। लेकिन पुलिस मासूम के अपहरण की वारदात को पीडि़त परिवार के ही नजदीकी के मान कर चल रही थी। इसी दौरान पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए पीडि़त परिवार के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया। इसी दौरान एक दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में साईकिल सवार दो लड़कियां तडके करीब 5 बजे एक सफेद रंग का बैग ले जाते नजर आयी और करीब बीस मिनट बाद ही बिना बैग के वापस लौटती देखी गयी। उन्हाेंने बताया कि जब बारीकी से सीसीटीवी कैमरे की फुटेज का निरीक्षण किया गया तो पुलिस चौक पड़ी, क्योकि दोनों लड़किया पीडि़त परिवार की ही थी। जिसमें डेढ साल के मासूम की सगी बहन (14) और उसकी चचेरी बहन (13) थी। इसी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने एक बार पीडि़त परिवार के घर को रूख करते हुए दोनों नाबालिग लड़कियों से पूछताछ की गयी। लेकिन शुरूआती दौर में दोनों पुलिस को गुमराह करने लगी। मगर जब पुलिस ने उनको सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की बात बतायी तो दोनों लड़कियों ने सच्चाई पुलिस के सामने उगल दी। पूछताछ के दौरान दोनों बहनों ने बताया कि मां और पिता के काम पर चले जाने के बाद उनकी जिम्मेदारी पूरब को सम्भालने की होती थी। जोकि पूरब उनको बहुत परेशान करता था। इसलिए उससे छुटकारा पाना चाहते थे। दोनों ने बताया कि उन्होंने सुना था कि एक माह पूर्व कनखल में एक मां ने अपने 6 साल के बच्चे से छुटकारा पाने के लिए बैग में रखकर गंगा में डाल दिया था। इसी तरह दोनों ने पूरब से छुटकारा पाने की सोच ली। और 28 नवम्बर की रात को दूसरे भाई के ईलाज के दौरन डॉक्टर ने दी नींद की गोली को पूरब के दूध में डालकर मिलाकर पिला दिया। और अगले दिन सुबह दोनों ने कमरे में जाकर पूरब को उठाकर बैग में डालकर साईकिल से लालपुल पहुंचकर गंगा में फैंक दिया और वापस चले आये। एसएसपी ने बताया कि दोनों बहनों ने वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है। जिनकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल नींद की गोलियां और साईकिल बरामद की है। चूंकि दोनों बहनें नाबालिग हैं, इसलिए उनको ज्वेनाइल कोर्ट में पेशकर बाल सुरक्षा गृह भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रेसवार्ता के दौरान एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेश देव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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