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धूमधाम के साथ मनाया गया दशहरा पर्व

धूमधाम के साथ मनाया गया दशहरा पर्व

हरिद्वारः असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व धर्मनगरी में उत्साह व उल्लास के साथ मनाया गया। हरिद्वार की मुख्य रामलीला रामलीला हरिद्वार की ओर से रोड़ी बेलवाला मैदान, रामलीला रंगमंच मायापुर की ओर से नगर निगम प्रांगण तथा भीमगोड़ा रामलीला की और से भीमगोड़ा, चौक बाजार ज्वालापुर रामलीला समिति की ओर से पुल जटवाड़ा, भेल सेक्टर तीन, चार व पांच, कनखल, शिवालिक नगर आदि स्थानों पर धूमधाम के साथ दशहरा मनाया गया। दशहरा देखने जुटी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच भगवान राम व रावण के बीच हुए घमासान युद्ध में श्रीराम ने बुराई के प्रतीक रावण का सेना सहित वध कर बुराई पर अच्छाई की विजय की गाथा लिखी। रावण का वध करने के पश्चात भगवान राम ने माता सीता को उसकी कैद से मुक्त कराया तथा विभीषण को लंका का राजपाट सौंप संसार को शांति व भाईचारे से रहने का संदेश दिया। इसके पश्चात रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। चैक बाजार ज्वालापुर श्रीरामलीला समिति की ओर से पुल जटवाड़ा पर आयोजित दशहरा महापर्व में मुख्य अतिथी रानीपुर विधायक आदेश चैहान ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि रावण दहन के साथ ही बुराईयों का अंत हो जाता है। प्रत्येक नागरिक को भगवान श्रीराम के आदर्शो पर चलते हुए बुराईयों को समाज से समाप्त करने में अपना योगदान देना चाहिए। असत्य पर सत्य की जीत के पर्व को देश भर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने कहा कि भगवान राम का जीवन चरित्र सभी को प्रेरित करता है। सभी को प्रभु श्रीराम के जीवन चरित्र को आत्मसात कर आदर्श समाज बनाने में सहयोग करना चाहिए। रामलीला समिति के अध्यक्ष शशीकांत वशिष्ठ, महामंत्री मणीकांत चैहान, कोषाध्यक्ष विवेक गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रविन्द्र कुमार वालिया, अजनीश सिखौला, उपाध्यक्ष नीरज मंगल, रमन पटुवर, ईश्वर जैन, गौरव कपिल, मंत्री बख्शी चैहान, संजय गोयल आदि ने अतिथीयों का आभार प्रकट किया और कहा कि दशहरा महापर्व उत्साह के साथ जटवाड़ा पुल पर रावण दहन करने के पश्चात कई वर्षो से मनाया जा रहा है। नागरिकों को समाज से बुराईयों को छोड़कर अच्छाईयों की और बढ़ना चाहिए।

दशहरा मेले में तीर कमान, तलवार, गदा, मुखौटों आदि की जमकर बिक्री हुई। महिलाओं ने जहां जमकर चाट पकोड़ी का आनन्द उठाया। वहीं परिजनों के साथ मेला देखने आए बच्चों ने तीर कमान, तलवार, गदा, फरसा, मुखौटों आदि की खूब खरीददारी की। भेल सेक्टर तीन, चार व पांच में लगाए गए झूलों का भी बच्चों ने खूब आनन्द लिया।

धू-धू कर जला बुराई का प्रतीक रावण

श्रीरामलीला कमेटी रजि. ने अहंकार, अत्याचार एवं अन्याय पर मर्यादा तथा संस्कारों की विजय का पर्व विजय दशमी आज ब्रह्मकुण्ड हरकी पैड़ी के निकट रोड़ी बेलवाला मैदान पर रावण एवं मेघनाद के विशालकाय पुतलों का आतिशबाजी के साथ दहन कर सामाजिक बुराईयों के शमन के संकल्प दिवस के रुप में उत्साहपूर्वक मनाया जिसमें पंचपुरी के साथ ही निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों की जनता एवं बड़ी मात्रा में बाहर से आये श्रद्धालुओं ने सनातन संस्कृति का साक्षात्कार किया। इससे पूर्व रंगमंच पर कुम्भकरण वध के पश्चात रावण ने अपनी अद्र्धांगिनी मंदोदरी के साथ अपने भविष्य को दर्शाने वाले 'यही रात अन्तिम यही रात भारी' गीत गाकर सम्पूर्ण समाज को यह संदेश दिया कि अत्याचार एवं अहंकार का ऐसा भयानक परिणाम होता है। जो स्वयं की मुक्ति से पूर्व पूरे परिवार का खात्मा होते देखता है। श्रीरामलीला कमेटी ने अपनी अन्तिम प्रस्तुति में मेघनाद एवं सुलोचना के माध्यम से दर्शाया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने अथवा परिजन के कर्म के आधार पर ही भविष्य का आभास हो जाता है। सम्पूर्ण रामलीला का सार समाज को यह संदेश देता है कि सत्ता का सुख उसी को प्राप्त हो जाता है जो भगवान की शरण में आ जाता है भरत, सुग्रीव एवं विभीषण इसके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। रंगमंच पर बुधवार की रात्रि राजतिलक का आयोजन होगा।


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