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खनन नीति घोषित होने तक स्टोन क्रेशर बंद रखने का ऐलान किया

खनन नीति घोषित होने तक स्टोन क्रेशर बंद रखने का ऐलान किया

हरिद्वारः हरिद्वार स्टोन क्रेशर वेलफेयर एसोसिएशन ने राज्य सरकार द्वारा खनन नीति घोषित करने तक सभी क्रेशर बंद रखने का ऐलान किया है।

प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता के दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष निशांत चैधरी ने कहा कि जनपद में हरिद्वार और लकसर तहसील के अंतर्गत 55 स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांट स्थापित हैं। लेकिन विगत वर्षो से जिले में खनन नहीं होने से सभी क्रशर पर कच्चे माल का भारी अभाव है। क्रेशर स्वामियों को प्रताड़ित भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकार वैधानिक रूप से खनन नीति की घोषणा कर रायवला से भोगपुर तक खनन खोले जाने की घोषणा नहीं करती है, तब तक जनपद के सभी क्रेशर स्वामी अपने प्लांट बंद रखेंगे। उन्होंने कहा कि खनन बंदी के कारण विकास कार्य प्रभवित हो रहे हैं। सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। खनन व्यवसाय से करीब पचास हजार सीधे तौर पर जोड़े हुए हैं, जिसमें स्टोन क्रेशर स्वामी से लेकर मजदूर तक शामिल हैं। लेकिन खनन बंदी के कारण बड़ी संख्या में लोगों के रोजगार पर असर पड़ा है। खनन बंदी के कारण गंगा का तल भी ऊंचा हो रहा है, जिससे गंगा तट के आसपास के गांवों पर खतरा मण्डरा रहा है। निर्माण सामग्री नहीं मिलने के कारण हाईवे के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार यूपी व हरियाणा से महंगे दामों पर रेत बजरी आदि मंगाकर काम चलाने को मजबूर हैं। जिससे राज्य सरकार को मिलने वाले राजस्व की हानि भी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी हरियाणा के खनन व्यवसायियों के इशारे पर हरिद्वार के विकास को बाधित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार स्टोन क्रेशर वेलफेयर एसोसिएशन अवैध खनन के सख्त खिलाफ है। उन्होंने सरकार से मांग की कि विकास योजनाओं व निर्माण कार्यो में तेजी लाने के लिए नीतिगत खनन जल्द से जल्द खोला जाए। इस अवसर पर विनय चैधरी, अजय गर्ग, अंकुर जैन, हषवर्द्धन, अतुल कुमार आदि भी मौजूद रहे।


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