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चाइनीज इंपोर्ट्स पर भारत ने सबसे कम ड्यूटी कटौती का प्रस्ताव रखा

 Agencies |  2017-03-13 18:55:10.0  0  Comments

चाइनीज इंपोर्ट्स पर भारत ने सबसे कम ड्यूटी कटौती का प्रस्ताव रखा

नई दिल्ली: भारत ने चीन और ऑस्ट्रेलिया समेत 16 एशिया-पसिफिक देशों के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड अग्रीमेंट के तहत चाइनीज सामानों को न्यूनतम टैरिफ कन्सेशंस ऑफर किया है। रीजनल कॉम्प्रेहेंसिव इकनॉमिक पार्टनरशिप (आरसीईपी) ट्रेड अग्रीमेंट के तहत आसियान देशों से होने वाले आयात के लिए सबसे ज्यादा ड्यूटी कटौती ऑफर की गई है। चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे को घटाने के इरादे वाले फॉर्म्युले को ज्यादा तवज्जो नहीं मिली है। घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक ऑफिसर ने बताया, अंतर पर विचार-विमर्श किया गया है। अभी कोई चीज फाइनल नहीं है।
प्रस्ताव पर 27 फरवरी से 3 मार्च के बीच जापान में हुए आरसीईपी मीटिंग के हालिया दौर में चर्चा की गई है। यह बातचीत का 17वां दौर था और इसका अगला राउंड फिलीपींस में अगले महीने होगा। इसके बाद मई में मंत्रालय स्तर की मीटिंग हो सकती है। ड्यूटी में कटौती से जुड़े अंतर संबंधी फॉर्म्युले की नई अप्रोच भारत के चीन के साथ बढ़ते ट्रेड डेफिसिट के बीच आई है।
वित्त वर्ष 2015-16 में चीन को भारत का निर्यात महज 9 अरब डॉलर रहा, जबकि चीन से किया जाने वाले आयात बढ़कर 61.7 अरब डॉलर रहा, जिससे व्यापार घाटा 52.7 अरब डॉलर का रहा। आरसीईपी 16 देशों के बीच एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौता है, जिसमें गुड्स, सर्विसेज, इन्वेस्टमेंट, कॉम्पिटीशन, इकनॉमिक ऐंड टेक्निकल को-ऑपरेशन, डिसप्यूट सेटलमेंट और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स शामिल हैं।
इन 16 देशों में दक्षिण-पूर्वे एशियाई देशों के संघ के 10 सदस्यों और उनके छह फ्री ट्रेड अग्रीमेंट पार्टनर्स (ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, कोरिया और न्यू जीलैंड) हैं। आरसीईपी समूह में दुनिया की 45 फीसदी से ज्यादा आबादी आती है और इन देशों की साझी जीडीपी करीब 21 लाख करोड़ डॉलर है। भारत के दूसरे देशों को गुड्स, सर्विसेज और इन्वेस्टमेंट्स को लेकर रजामंद करने के बावजूद आरसीईपी में सर्विसेज ट्रेड को उदार बनाने में ज्यादा प्रगति नहीं हुई है। एक सीनियर ऑफिसर ने बताया, गुड्स के मोर्चे पर प्रगति हुई है, लेकिन सर्विसेज के मामले में ऐसा नहीं है।

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